ढाका में हिंसा की लहर: विश्वविद्यालय से लेकर शहर की सड़कों तक दहशत
उफ़क साहिल
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 24 दिसंबर की रात हिंसा की कई घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। विश्वविद्यालय परिसर से लेकर व्यस्त इलाकों तक हुए हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई छात्र घायल हुए।
ढाका विश्वविद्यालय में तोड़फोड़
24 दिसंबर की रात ढाका यूनिवर्सिटी के कैंटीन में अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यक्ति ने परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने कैंटीन के सामान को नुकसान पहुँचाया और छात्रों में डर का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना की निंदा करते हुए सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
मोघबाजार में पेट्रोल बम हमला
इससे पहले ढाका के मोघबाजार इलाके में एक पेट्रोल बम हमला बेहद घातक साबित हुआ। सड़क पर फेंका गया बम सीधे एक युवक पर गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 21 वर्षीय सीयाम के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
छात्रों के पास विस्फोट, दो घायल
ढाका यूनिवर्सिटी के टीएससी (टीचर-स्टूडेंट सेंटर) के पास भी दो “कॉकटेल” बम विस्फोट हुए। इन धमाकों में दो छात्र घायल हो गए। एक छात्र की पीठ में गंभीर चोट आई, जबकि दूसरे के कान में चोट लगी। दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा नाकाफी है।
शहर के अन्य हिस्सों में भी तनाव
मोघबाजार मोड़ समेत ढाका के कई इलाकों में छोटे-बड़े विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से आम लोगों में भय का माहौल है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्कता बढ़ाने और दोषियों की पहचान के लिए जांच कर रही हैं।
बढ़ती चिंता
इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ढाका में कानून-व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। छात्र संगठनों और नागरिक समाज ने सरकार से विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी हिंसक घटनाओं को रोका जा सके।
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