उन्नाव रेप केस: सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ CBI सुप्रीम कोर्ट पहुंची, विरोध प्रदर्शन जारी
उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित कर सशर्त जमानत दिए जाने के फैसले को CBI ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। CBI ने विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर कहा है कि यह फैसला न्याय की भावना के खिलाफ है। वहीं, इस आदेश के विरोध में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर महिलाओं ने प्रदर्शन किया और पीड़िता के लिए न्याय की मांग उठाई। पीड़िता के वकील महमूद प्राचा ने भी सुप्रीम कोर्ट जाने और सेंगर की मदद करने वाले अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की बात कही है।
उन्नाव रेप केस: सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ CBI सुप्रीम कोर्ट पहुंची, विरोध प्रदर्शन जारी
नवीदुल हसन
उन्नाव रेप मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अधिकारियों के अनुसार, CBI ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की। यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के 23 दिसंबर 2025 के उस आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें सेंगर की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित करते हुए उन्हें जमानत दी गई थी।
CBI के एक सूत्र ने बताया कि हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के तहत सेंगर को जमानत मिली है, लेकिन वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आएंगे। इसकी वजह यह है कि वह CBI के ही एक अन्य मामले में हत्या का दोषी पाए गए हैं, जिसमें उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई है।
गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर को दिसंबर 2019 में उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। सेंगर ने जनवरी 2020 में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी और मार्च 2022 में सजा निलंबन की याचिका दाखिल की थी। इस याचिका का CBI और पीड़िता, दोनों ने अपने-अपने वकीलों के जरिए कड़ा विरोध किया था।
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश के खिलाफ नाराजगी सड़कों पर भी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को कई महिलाएं हाईकोर्ट के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करती नजर आईं। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रही थीं। एक तख्ती पर लिखा था, “उन्नाव की बेटी न्याय में देरी नहीं, न्याय चाहती है,” जबकि दूसरी तख्ती पर लिखा था, “Unnao sister, I’m sorry।”
प्रदर्शनकारियों ने समय-समय पर नारे भी लगाए। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शनकारियों से कोर्ट परिसर खाली करने की अपील की। पुलिस अधिकारी ने कहा कि यदि परिसर खाली नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, उन्नाव रेप पीड़िता की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता महमूद प्राचा ने भी सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि CBI जो भी कदम उठाए, वे खुद भी पीड़िता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में मजबूत मामला रखेंगे। प्राचा ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट जाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इस मामले में CBI मुख्य पक्ष है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सेंगर की मदद करने वाले कुछ अधिकारियों के खिलाफ CBI में एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया गया है। प्राचा ने कहा कि CBI को इस पूरे षड्यंत्र को उजागर करना चाहिए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
हाथरस मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हाथरस की पीड़िता के साथ भी ऐसा ही हुआ था। अगर ऐसे फैसले आते रहे, तो देश की कोई भी महिला या बच्ची सुरक्षित नहीं रहेगी।” उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन की अपील भी की।
इसी बीच, गुरुवार को दो वकीलों ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर की सजा निलंबित किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए अलग से अपील भी दाखिल की है। अब इस संवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
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