G-राम-जी कानून पर सियासत तेज, गांवों में पहुंचने की तैयारी
उफ़क साहिल
ग्रामीण रोजगार से जुड़े नए G-राम-जी कानून को लेकर देशभर में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। मनरेगा की जगह लाए गए इस कानून को सरकार सुधार की दिशा में कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे गरीबों की सुरक्षा कमजोर करने वाला बता रहा है।
कानून को लेकर भाजपा ने गांव-गांव तक पहुंचने की योजना बनाई है। राजधानी में हुई दो अहम बैठकों में पार्टी के केंद्रीय नेता और देशभर से आए 1,100 से ज्यादा पदाधिकारी शामिल हुए। तय किया गया कि कार्यकर्ता बूथ और गांव स्तर पर जाकर लोगों को नए कानून की जानकारी देंगे।
भाजपा का कहना है कि यह कानून रोजगार व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाएगा और ग्रामीण मजदूरों को नए अवसर देगा। इसके लिए पार्टी ने अभियान की निगरानी की अलग व्यवस्था भी बनाई है।
वहीं विपक्ष का आरोप है कि यह कानून मनरेगा की मूल भावना को कमजोर करता है और इससे राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। कुछ इलाकों में इसे लेकर विरोध भी शुरू हो गया है।
अब देखना होगा कि सरकार और भाजपा की यह पहल ग्रामीण जनता को कितना भरोसा दिला पाती है या विपक्ष के सवाल इस मुद्दे को और बड़ा बना देते हैं।
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