यूपी में मॉब लिंचिंग के आंकड़ों पर सवाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने DGP के दावे पर जताई शंका
रेहान फ़ज़ल
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में मॉब लिंचिंग से जुड़े मामलों को लेकर पेश किए गए सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने हाल ही में यूपी पुलिस के महानिदेशक (DGP) द्वारा किए गए उस दावे पर संदेह जताया, जिसमें कहा गया था कि वर्ष 2018 से अब तक राज्य में केवल 11 मॉब लिंचिंग के मामले दर्ज हुए हैं।
जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस राजीव भारती की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ये आंकड़े वास्तविकता से मेल नहीं खाते। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि उसने अक्टूबर महीने में ही दो अलग-अलग मॉब लिंचिंग मामलों की सुनवाई की थी, जिससे साफ है कि ऐसे मामलों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से अधिक हो सकती है।
हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और अपराध के सही आंकड़ों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मॉब लिंचिंग जैसे गंभीर अपराधों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और इनके सही आंकड़े सामने आना जरूरी है।
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