77वें गणतंत्र दिवस पर कैमूर जिले की उपलब्धियों और विकास योजनाओं की हुई समीक्षा
उफ़क साहिल
कैमूर | 26 जनवरी 2026
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कैमूर जिले में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। इस अवसर पर देश के संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया गया।
जिला प्रशासन ने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के कारण कैमूर जिला राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है। प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से कैमूर का महत्वपूर्ण स्थान है। जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए जिले को वर्ष 2025 में देश में पाँचवां स्थान मिला है।
कैमूर में पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं। जगदहवा पार्क, मां मुंडेश्वरी, करमचट डैम और ककरटगढ़ जैसे स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये कार्य वर्ष 2026–27 तक पूरे किए जाएंगे।
अधौरा क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के लिए सोन नदी से पानी लाने की योजना पर काम चल रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत वाराणसी–रांची–कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण जिले के कई गांवों से होकर हो रहा है। इससे यातायात आसान होगा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। अब तक 800 किसानों को 120 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है।
कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य
जिले के 1.20 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये मिल रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में चैनपुर में मेडिकल कॉलेज और अधौरा में डिग्री कॉलेज बनाया जा रहा है। खेल परिसरों का निर्माण भी जारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को निःशुल्क भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला और सामाजिक योजनाएं
महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 2.49 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है। वृद्ध, विधवा और दिव्यांग लोगों को अब हर महीने 1100 रुपये पेंशन मिल रही है।
ग्रामीण विकास और सुरक्षा
मनरेगा से लोगों को रोजगार मिला है और गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। प्रशासन ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बेहतर है और नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण कर लिया गया है।
कार्यक्रम के अंत में लोगों से शांति, सद्भाव और विकास में सहयोग करने की अपील की गई। समारोह “जय हिंद” के नारों के साथ समाप्त हुआ।
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