स्ट्रेस बना साइलेंट किलर, मानसिक ही नहीं शारीरिक सेहत पर भी भारी पड़ रहा दबाव
उफ़क साहिल
लगातार बढ़ता तनाव अब केवल मानसिक समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है, जिसका सीधा असर इम्यून सिस्टम पर पड़ता है।
डॉक्टरों के अनुसार, स्ट्रेस के कारण हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, डायबिटीज और नींद से जुड़ी परेशानियों के मामलों में लगातार इज़ाफा हो रहा है। इसके साथ ही थकावट, चिड़चिड़ापन और पाचन संबंधी समस्याएँ भी तनाव के शुरुआती संकेत मानी जाती हैं। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यदि समय रहते तनाव पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग अपनी दिनचर्या में योग, ध्यान, संतुलित भोजन और भरपूर नींद को शामिल करें। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहना और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
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