हैदराबाद कोर्ट ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने वाले युवक को 10 साल की सजा सुनाई
महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्ती दिखाते हुए हैदराबाद की एक अदालत ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने वाले युवक को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। आरोपी ने महिला से शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया। इससे महिला मानसिक अवसाद में चली गई और उसने आत्महत्या करने की कोशिश भी की। पीड़िता की शिकायत पर जीडीमेटला पुलिस ने मामला दर्ज किया था। जांच और सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और उसे जेल भेज दिया। यह फैसला महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नवीदुल हसन
हैदराबाद कोर्ट ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने वाले युवक को 10 साल की सजा सुनाई
हैदराबाद: महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्ती दिखाते हुए हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने शादी का झांसा देकर एक महिला का यौन शोषण करने वाले युवक को 10 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 12,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दोषी युवक की पहचान बिटला वेंकट साई (28) के रूप में हुई है। वह जीडीमेटला थाना क्षेत्र के चिंतल स्थित महेंद्रनगर का रहने वाला है। यह मामला साल 2017 का है, जब आरोपी ने महिला से प्रेम संबंध बनाए और उससे शादी करने का वादा किया।
आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसने अचानक शादी से इनकार कर दिया और महिला से दूरी बना ली। इस धोखे से महिला को गहरा मानसिक सदमा लगा।
शादी से इनकार और समाज के डर के कारण महिला गंभीर अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई। मानसिक तनाव के चलते उसने एक इमारत से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की, हालांकि समय पर मदद मिलने से उसकी जान बच गई।
घटना के बाद पीड़िता ने जीडीमेटला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत इकट्ठा किए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता की गवाही, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों को ध्यान में रखा। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और उसे 10 साल की जेल की सजा सुनाई।
फैसले के तुरंत बाद आरोपी को चेरलापल्ली सेंट्रल जेल भेज दिया गया, जहां वह अपनी सजा काटेगा।
अदालत के इस फैसले को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में एक सख्त और अहम संदेश माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसे फैसले समाज में गलत काम करने वालों को चेतावनी देते हैं और पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ाते हैं।
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