भाजपा अध्यक्ष चुनाव से पहले कैडर और युवा नेतृत्व की चर्चा तेज
सबा फिरदौस
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी की कैडर-आधारित कार्यशैली पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठनात्मक सहमति के आधार पर सर्वसम्मति से नेतृत्व चुनने में विश्वास रखती है।
मीडिया से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा अपने देशभर में फैले कार्यकर्ताओं की ताकत से चलती है। उन्होंने कहा, “भाजपा एक कैडर-आधारित पार्टी है। पार्टी अध्यक्ष का चुनाव कार्यकर्ताओं के माध्यम से होता है और हमारा मानना है कि यह प्रक्रिया सर्वसम्मति से पूरी होनी चाहिए।”
उन्होंने इस चुनाव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पार्टी के गठन के बाद पहली बार नेतृत्व बिहार से उभरकर सामने आएगा। रेड्डी ने इसे केवल क्षेत्रीय बदलाव नहीं, बल्कि पीढ़ीगत परिवर्तन का संकेत बताया और कहा कि अब पार्टी की युवा नेतृत्व टीम जिम्मेदारी संभालेगी।
भाजपा 20 जनवरी को अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेगी। इससे पहले रविवार को पार्टी की आंतरिक मतदाता सूची जारी कर दी गई है। राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी एवं राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 19 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि उसी दिन नामांकन की जांच और वापसी की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
वर्तमान में बिहार के मंत्री नितिन नबीन पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं और उनके केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का स्थान लेने की संभावना है। जेपी नड्डा ने जनवरी 2020 में पदभार संभाला था और वे पार्टी के पहले राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे हैं।
भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय और राज्य परिषदों के सदस्य मिलकर निर्वाचन मंडल बनाते हैं, जो पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करता है। यदि केवल एक ही नामांकन दाखिल होता है, तो बिना मतदान के ही उम्मीदवार को अध्यक्ष घोषित कर दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार, इस चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के दिल्ली में मौजूद रहने की संभावना है।
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