खाकी का काला सच: बिहार के चार पुलिसकर्मियों ने ट्रेन में 1 किलो सोना लूटा, पुलिस जांच में खुलासा
बिहार में पुलिस-अपराधी गठजोड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खाकी वर्दी पहनकर चार पुलिसकर्मियों ने ट्रेन में सफर कर रहे एक कारोबारी के कर्मचारी से करीब 1.44 करोड़ रुपये का एक किलो सोना लूट लिया। जांच के बाद रेलवे पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है।
नवीदुल हसन
खाकी का काला सच: बिहार के चार पुलिसकर्मियों ने ट्रेन में 1 किलो सोना लूटा, पुलिस जांच में खुलासा
बिहार में पुलिस व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां खाकी वर्दी में तैनात चार पुलिसकर्मियों ने कानून के रखवाले की जगह लुटेरों की भूमिका निभाई। रेलवे पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इन पुलिसकर्मियों ने ट्रेन में यात्रा कर रहे एक सोना कारोबारी के कर्मचारी से करीब एक किलो सोना, जिसकी कीमत लगभग 1.44 करोड़ रुपये है, लूट लिया।
यह घटना नवंबर के तीसरे सप्ताह की है, जब हावड़ा–जोधपुर–बीकानेर एक्सप्रेस गया और कोडरमा जंक्शन के बीच से गुजर रही थी। पीड़ित कारोबारी मनोज सोनी, जो पश्चिम बंगाल के हावड़ा के नास्कर पाड़ा बाजार इलाके के रहने वाले हैं, ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।
मनोज सोनी ने बताया कि उनके कर्मचारी धनंजय शाश्वत सोना लेकर जयपुर जा रहे थे, जहां इसकी डिलीवरी होनी थी। लेकिन रास्ते में उनके साथ लूट की घटना हुई। शुरुआत में कारोबारी को अपने ही कर्मचारी पर शक हुआ, लेकिन जब शाश्वत बार-बार यही कहता रहा कि उसे पुलिस वालों ने लूटा है, तब मामला गंभीर हो गया।
इसके बाद कारोबारी ने मालिपंचघोड़ा थाना (हावड़ा) में शिकायत दर्ज कराई और साथ ही बिहार रेलवे पुलिस से भी संपर्क किया। मामला रेलवे आईजी पी. कन्नन तक पहुंचा, जिन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच का जिम्मा रेल एसपी (पटना) इनामुल हक मेंगनू को सौंपा।
जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रेलवे पुलिस के अनुसार, गया जंक्शन पर तैनात चार कांस्टेबल, जो किसी भी एस्कॉर्ट ड्यूटी पर नहीं थे, इस वारदात में शामिल पाए गए। इन पुलिसकर्मियों ने अपराधियों से सांठगांठ कर सोने की जानकारी हासिल की और फिर उसी ट्रेन में चढ़ गए, जिसमें कारोबारी का कर्मचारी सफर कर रहा था।
शिकायत के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे, जब ट्रेन कोडरमा के पास थी, तब तीन पुलिसकर्मी वर्दी में डिब्बे में दाखिल हुए। उन्होंने तलाशी के बहाने शाश्वत का बैग चेक किया और सोना बरामद कर लिया। इसके बाद चेन पुलिंग कर ट्रेन को सुनसान जगह पर रोका गया, जहां उससे सारा सामान लूट लिया गया।
इतना ही नहीं, आरोपी पुलिसकर्मी पीड़ित को वापस गया जंक्शन तक ले गए और उसे गया से हावड़ा का रिटर्न टिकट देकर चुप रहने की हिदायत दी। दो आरोपी पुलिसकर्मी उसे धनबाद तक छोड़ने भी गए।
मामले में अब गया जीआरपी थाने में अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 309(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र प्रसाद कर रहे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
रेलवे पुलिस का कहना है कि यह मामला न सिर्फ लूट का है, बल्कि पुलिस तंत्र में मौजूद अपराधी गठजोड़ को भी उजागर करता है। जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
What's Your Reaction?

