ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी, हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई का ऐलान
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि उस पर हमला किया गया तो वह चुप नहीं बैठेगा और अमेरिका के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ इज़रायल को भी निशाना बना सकता है। यह चेतावनी ईरान की संसद के स्पीकर ने उस समय दी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को प्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग न करने की चेतावनी दी थी। ईरान का कहना है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। यह बयान मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की ओर इशारा करता है।
नवीदुल हसन
ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, हमले का जवाब ज़रूर देंगे
ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उस पर कोई भी सैन्य हमला किया गया, तो वह इसका कड़ा जवाब देगा। ईरान ने कहा है कि ऐसे हालात में वह अमेरिका के सैन्य ठिकानों और इज़रायल को निशाना बना सकता है।
यह बयान ईरान की संसद के स्पीकर ने दिया है। उन्होंने यह बात सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए कही। दरअसल, अमेरिका की ओर से हाल ही में ईरान के नेतृत्व को चेतावनी दी गई थी कि अगर देश में चल रहे प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ईरान के संसद अध्यक्ष ने कहा कि उनका देश किसी भी तरह की धमकी से डरने वाला नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर अमेरिका या उसके सहयोगी देशों ने ईरान पर हमला किया, तो ईरान चुप नहीं बैठेगा। जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और इज़रायल को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान का कहना है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। संसद स्पीकर ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है, जो किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि ईरान में इन दिनों सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इन्हीं प्रदर्शनों को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों ने ईरानी सरकार की आलोचना की है। राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी कई बार ईरान के नेतृत्व को कड़ी चेतावनी दे चुके हैं।
इस बयान के बाद मध्य पूर्व में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाज़ी इसी तरह तेज होती रही, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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