लावारिस नवजात बच्ची की पुलिस थाने में मनाई गई छठी, हुआ नामकरण
खुशबू खातून
सूरत (गुजरात)।
सूरत के डिंडोली क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने के साथ-साथ भरोसा जगाने वाली एक भावुक घटना सामने आई है। तालाब के किनारे लावारिस अवस्था में मिली एक नवजात बच्ची के लिए डिंडोली पुलिस ने न सिर्फ उसकी जान बचाई, बल्कि उसे परिवार जैसा अपनापन भी दिया। पुलिस थाने में पूरे विधि-विधान के साथ बच्ची की छठी और नामकरण संस्कार का आयोजन किया गया।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले डिंडोली इलाके में तालाब के पास एक नवजात बच्ची रोती हुई मिली थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल बच्ची को सुरक्षित अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची की हालत स्थिर बताई गई।
इसके बाद डिंडोली पुलिस ने बच्ची की देखभाल की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली। पुलिसकर्मियों और महिला पुलिस स्टाफ ने मिलकर बच्ची की छठी का आयोजन पुलिस थाने में किया। इस दौरान पूजा-अर्चना की गई और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बच्ची का नामकरण किया गया। बच्ची का नाम “हँसती” रखा गया, जो उसके उज्ज्वल भविष्य और मुस्कुराते जीवन की कामना का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों, महिला कर्मियों और मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पुलिसकर्मियों ने बच्ची को फूलों, कपड़ों और उपहारों के साथ आशीर्वाद दिया। इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहना हो रही है।
डिंडोली पुलिस का कहना है कि बच्ची की आगे की देखभाल और कानूनी प्रक्रिया बाल कल्याण समिति के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी, ताकि उसे सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके।
यह घटना न सिर्फ पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि मानवता और करुणा आज भी जिंदा है।
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