मंदिरों के पास नॉन-वेज पर रोक? तेलंगाना हाईकोर्ट ने 100 मीटर नियम बनाने का दिया आदेश
तेलंगाना हाईकोर्ट ने मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के आसपास नॉन-वेज खाने की बिक्री और सेवन को नियंत्रित करने के लिए 100 मीटर का नियम बनाने का आदेश दिया है। जस्टिस बी. विजयसेन रेड्डी की एकल पीठ ने राज्य सरकार को चार हफ्तों के भीतर एक व्यापक नीति तैयार करने को कहा है। जब तक नई गाइडलाइन नहीं बन जाती, तब तक हैदराबाद के रेड हिल्स इलाके में एक हनुमान मंदिर के पास स्थित नॉन-वेज रेस्टोरेंट के मामले में मौजूदा स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला एक युवा कारोबारी की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसने GHMC और पुलिस पर अवैध हस्तक्षेप का आरोप लगाया था।
नवीदुल हसन
मंदिरों के पास नॉन-वेज पर रोक? तेलंगाना हाईकोर्ट ने सरकार को 100 मीटर नियम बनाने का आदेशतेलंगाना
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह मंदिरों, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों के 100 मीटर के दायरे में मांस और नॉन-वेज खाने की बिक्री और सेवन को लेकर एक स्पष्ट और व्यापक नीति बनाए। कोर्ट ने सरकार को इसके लिए चार हफ्ते का समय दिया है।
जब तक यह नीति तैयार नहीं हो जाती, तब तक हैदराबाद के रेड हिल्स इलाके में एक हनुमान मंदिर के पास चल रहे नॉन-वेज रेस्टोरेंट के मामले में मौजूदा स्थिति (स्टेटस क्वो) बनाए रखने का आदेश दिया गया है।
यह आदेश जस्टिस बी. विजयसेन रेड्डी की एकल पीठ ने 22 दिसंबर 2025 को दिया था, जिसे इस सप्ताह सार्वजनिक किया गया।
हाईकोर्ट यह मामला उस याचिका पर सुन रही थी, जो महाराष्ट्र के सोलापुर के रहने वाले 24 वर्षीय कारोबारी ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) और स्थानीय पुलिस उसे परेशान कर रही है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने रेड हिल्स इलाके में एक संपत्ति लीज पर लेकर ‘एनआरआई लाइव किचन’ नाम से रेस्टोरेंट शुरू किया है। इसके लिए उसने ट्रेड लाइसेंस और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन भी लिया है। इसके बावजूद नगर निगम और पुलिस उसके व्यवसाय में गैरकानूनी दखल दे रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों में स्पष्ट नियमों की कमी के कारण विवाद पैदा होते हैं। इसलिए राज्य सरकार को जरूरी है कि वह सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए एक साफ और समान नीति बनाए, ताकि भविष्य में ऐसे विवाद न हों।
इस आदेश के बाद राज्य में मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास नॉन-वेज खाने की बिक्री को लेकर बहस और तेज हो गई है।
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