कैमूर में डिजिटल भूमि सुधारों को मिली तेज़ रफ्तार, परिमार्जन प्लस और ई-मापी में उल्लेखनीय प्रगति
कैमूर जिले में भूमि सुधारों की दिशा में डिजिटल पहल लगातार मजबूती पकड़ रही है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा संचालित राजस्व महा-अभियान के तहत जिले ने परिमार्जन प्लस और ई-मापी सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस संबंध में शुक्रवार को लिच्छवी भवन में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, डिजिटल जमाबंदी सुधार के लिए चलाए जा रहे परिमार्जन प्लस अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक कुल 1,16,331 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,01,113 मामलों का सफल निष्पादन किया जा चुका है। इस अभियान में अधौरा अंचल ने 91.8 प्रतिशत निष्पादन दर के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद नुआंव (91.7%) और रामगढ़ (91.3%) अंचल का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।
वहीं, जिन रैयतों की जमाबंदी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं थी, उनके लिए चलाए गए ऑनलाइन जमाबंदी (लेफ्ट आउट) अभियान में भी जिला प्रशासन ने तेजी दिखाई है। इस श्रेणी में कुल 72,151 आवेदनों में से 63,850 का निष्पादन किया जा चुका है। इसमें अधौरा अंचल ने 95.2 प्रतिशत और कुदरा अंचल ने 93.1 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज कर अग्रणी स्थान बनाया है।
जमीन की सरकारी मापी को पारदर्शी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ई-मापी पोर्टल को भी नागरिकों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जिले में अब तक 8,693 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5,648 मापी रिपोर्ट स्वीकृत कर सीधे आवेदकों के पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई हैं। भभुआ अंचल में सर्वाधिक 1,495 आवेदन दर्ज किए गए हैं। मापी की तिथि निर्धारित करने में प्रशासन ने 95 प्रतिशत से अधिक दक्षता हासिल की है।
हालांकि, चाँद और चैनपुर अंचलों में लंबित मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक पाई गई, जिस पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचल अधिकारियों को विशेष निर्देश देते हुए शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक रूप से अंचल कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिला पदाधिकारी ने यह भी घोषणा की कि जिन अंचलों और कर्मियों का कार्य संतोषजनक रहेगा, उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि उनकी जमीन का रिकॉर्ड अभी तक डिजिटल नहीं हुआ है या जमाबंदी में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वे परिमार्जन प्लस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर इसका समाधान करा सकते हैं।
डिजिटल भूमि सुधारों के जरिए कैमूर जिला भूमि विवादों में कमी लाने और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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