KGBV बेड घोटाला: BRSV ने CBI जांच की मांग की, आंदोलन की चेतावनी
BRSV के राज्य नेता और जोगुलाम्बा गडवाल जिला समन्वयक कुरुवा पलैया ने तेलंगाना में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) के लिए बंकर बेड की खरीद में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि जिस खरीद पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च होने चाहिए थे, उसे बढ़ाकर करीब 100 करोड़ रुपये दिखाया गया। पलैया ने घटिया गुणवत्ता, टेंडर नियमों के उल्लंघन और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो जिले के सभी KGBV स्कूलों के सामने विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
नवीदुल हसन
KGBV बेड घोटाले की जांच की मांग, BRSV ने आंदोलन की चेतावनी दी
तेलंगाना के जोगुलाम्बा गडवाल जिले में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) से जुड़े एक कथित बड़े घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। बीआरएसवी (BRSV) के राज्य नेता और जोगुलाम्बा गडवाल जिला समन्वयक कुरुवा पलैया ने KGBV स्कूलों के लिए खरीदे गए बंकर बेड्स में लगभग 100 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की है।
शनिवार को गडवाल में मीडिया से बात करते हुए कुरुवा पलैया ने आरोप लगाया कि तेलंगाना के KGBV स्कूलों के लिए बंकर बेड खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो BRSV की ओर से जिले के सभी KGBV स्कूलों के सामने धरना और प्रदर्शन किया जाएगा।
कुरुवा पलैया ने कहा कि KGBV स्कूल मुख्य रूप से पिछड़ा वर्ग (BC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक समुदायों की छात्राओं के लिए बनाए गए हैं। ऐसे में इन स्कूलों के लिए की गई खरीद में भ्रष्टाचार होना गरीब और वंचित बच्चियों के साथ अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंकर बेड की खरीद पर जो खर्च करीब 60 करोड़ रुपये होना चाहिए था, उसे बढ़ाकर लगभग 100 करोड़ रुपये दिखाया गया। पलैया ने इसे सरकारी धन की खुली लूट बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जो बेड सप्लाई किए गए हैं, उनकी गुणवत्ता बेहद खराब है और टेंडर प्रक्रिया के नियमों का पालन नहीं किया गया।
BRSV नेता ने कहा कि बेड की गुणवत्ता घटिया होने के बावजूद भुगतान किया गया, जिससे यह साफ होता है कि सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच को जरूरी बताया।
कुरुवा पलैया ने पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार की तुलना करते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के शासनकाल में छात्राओं को कई सुविधाएं दी जाती थीं। उन्होंने बताया कि उस समय KGBV स्कूलों में बच्चियों को कॉस्मेटिक किट, ट्रंक बॉक्स, गर्म पानी की सुविधा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं, जिससे छात्राओं को सम्मान और बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 26 महीनों से कांग्रेस सरकार के शासन में ये सभी सुविधाएं धीरे-धीरे खत्म हो गई हैं, जो सरकार की अक्षमता और लापरवाही को दर्शाता है।
पलैया ने यह भी कहा कि पूर्व बीआरएस सरकार के दौरान, पूर्व उद्योग मंत्री के. टी. रामा राव की पहल से बंकर बेड स्थानीय MSME इकाइयों से खरीदे गए थे। प्रत्येक बेड का वजन लगभग 100 किलो होता था और कीमत करीब 12,000 रुपये प्रति बेड थी। इससे न सिर्फ अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित हुई, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को रोजगार भी मिला।
उन्होंने मांग की कि मौजूदा सरकार तुरंत इस घोटाले की जांच शुरू करे, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराए। BRSV ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा।
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