ग्रीनलैंड पर जंग की चेतावनी? अमेरिका बोला-‘सैन्य विकल्प हमेशा खुला’, यूरोप ने किया विरोध
अमेरिका ने ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य विकल्प खुले होने की बात कही है, जबकि यूरोप ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इस बयान से आर्कटिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।
शायना जमील
अमेरिका ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि उसके लिए सैन्य विकल्प हमेशा खुला हुआ है। इस बयान के बाद यूरोपीय देशों में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। यूरोप ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी तरह की धमकी या बल प्रयोग स्वीकार्य नहीं है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनलैंड रणनीतिक रूप से बेहद अहम क्षेत्र है, खासकर आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण। हालांकि अमेरिका ने यह भी जोड़ा कि फिलहाल वह कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सभी विकल्प खुले रहते हैं।
यूरोप की तीखी प्रतिक्रिया
यूरोपीय संघ और डेनमार्क ने अमेरिकी बयान पर नाराजगी जताई है। डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ग्रीनलैंड एक स्वायत्त क्षेत्र है और किसी भी तरह की सैन्य धमकी अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के खिलाफ है। यूरोपीय नेताओं ने ज़ोर देकर कहा कि विवादों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से होना चाहिए, न कि दबाव या धमकी से।
ग्रीनलैंड क्यों है अहम?
ग्रीनलैंड प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है और आर्कटिक मार्गों पर इसकी स्थिति इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। जलवायु परिवर्तन के कारण यहां नए समुद्री रास्ते खुल रहे हैं, जिससे अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि अमेरिका का यह बयान रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो सकता है, लेकिन इससे अमेरिका-यूरोप संबंधों में तनाव बढ़ने की आशंका है।
What's Your Reaction?

