ULC मामलों को लेकर 2021 की कार्रवाई पर जांच रिपोर्ट, राजनीतिक बहस तेज
उफ़क साहिल
महाराष्ट्र में वर्ष 2021 से जुड़े ULC (अर्बन लैंड सीलिंग) मामलों को लेकर एक जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उस समय कुछ मामलों में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ULC से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके तहत कुछ नेताओं के नाम भी जांच के दायरे में आए। हालांकि, इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को संबंधित पूर्व अधिकारी ने खारिज किया है और कहा है कि सभी फैसले कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए थे।
सरकार की ओर से कहा गया है कि रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर कहीं नियमों का उल्लंघन पाया गया तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं विपक्ष ने इस पूरे मामले को सत्ता के दुरुपयोग से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य में एक बार फिर प्रशासन और राजनीति के बीच संतुलन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया और बहस जारी रहने की संभावना है।
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