Headline: अयोध्या सिने अवार्ड 2025 में भोजपुरी सिनेमा का भव्य जश्न, कलाकारों और सृजनकर्ताओं को मिला सम्मान
अयोध्या।
भोजपुरी फिल्म उद्योग की प्रतिभा, लोकप्रियता और निरंतर प्रगति को समर्पित अयोध्या सिने अवार्ड 2025 का भव्य आयोजन इस वर्ष भी ऐतिहासिक और यादगार बन गया। इस समारोह में भोजपुरी सिनेमा के नामचीन कलाकारों, निर्देशकों, निर्माताओं, तकनीशियनों और संगीत जगत से जुड़े दिग्गजों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार रहे। वर्ष 2025 के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का प्रतिष्ठित अवॉर्ड अरविंद अकेला ‘कल्लू’ को फिल्म “मुझे मेरी बीवी से बचाओ” के लिए प्रदान किया गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब रानी चटर्जी ने फिल्म “जय संतोषी मां” में दमदार अभिनय के लिए अपने नाम किया। दोनों कलाकारों के नामों की घोषणा होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
भोजपुरी सिनेमा के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले निर्माता अभय सिन्हा, चर्चित वितरक निशांत उज्ज्वल और अनुभवी पीआरओ रंजन सिन्हा को भी उनके उल्लेखनीय और निरंतर योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन हस्तियों ने अपने कार्यों से न सिर्फ भोजपुरी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, बल्कि उद्योग को एक सशक्त पहचान भी दिलाई है।
रचनात्मक श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ कहानी का पुरस्कार रजनीश मिश्रा को दिया गया। वहीं संगीत और अभिनय के क्षेत्र में पवन सिंह ने दोहरी सफलता हासिल करते हुए फिल्म “बजरंगी” के गीत “कौन ठगवा नगरिया” के लिए सर्वश्रेष्ठ गायक (पुरुष) और सर्वश्रेष्ठ नायक का पुरस्कार अपने नाम किया।
इसके अलावा दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, अंजना सिंह, आम्रपाली दुबे समेत कई लोकप्रिय कलाकारों को उनके उत्कृष्ट अभिनय के लिए सम्मानित किया गया। डेब्यू कैटेगरी में फिल्म “जय हो छठी मैया” ने खास पहचान बनाई और इसके कलाकारों व तकनीकी टीम को कई पुरस्कार मिले।
कार्यक्रम में फिल्म निर्देशन, संगीत, छायांकन, संपादन, एक्शन, कॉमेडी, नेगेटिव रोल, पारिवारिक फिल्म, सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों और भक्ति फिल्मों जैसी अनेक श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। अयोध्या में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने वाले कई व्यक्तियों और संस्थाओं को अयोध्या भोजपुरी सिने सम्मान से नवाज़ा गया, जिससे स्थानीय स्तर पर फिल्म निर्माण को नई ऊर्जा मिली।
समग्र रूप से देखा जाए तो अयोध्या सिने अवार्ड 2025 न सिर्फ एक पुरस्कार समारोह रहा, बल्कि यह भोजपुरी सिनेमा की बढ़ती लोकप्रियता, उसकी विविधता और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव भी बना। यह आयोजन आने वाले समय में भोजपुरी फिल्म उद्योग को और सशक्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में याद किया जाएगा।
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