भारत अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को दे रहा है पनाह, ट्रेनिंग के साथ आर्थिक मदद भी पहुंचा रहा है भारत: हसनात
एनसीपी नेता हसनात ने भारत पर अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को भारत में पनाह देने और उन्हें ट्रेनिंग के साथ पैसों की मदद का भी आरोप लगाया है। हसनात ने यह भी आरोप लगाया है कि भारत में आवामी लीग के हज़ारो कार्यकर्त्ता बिना वैध दस्तावेजों के भारत में घुस रहे हैं।
ढ़ाका/ नई दिल्ली : बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल के बीच नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के दक्षिणी इकाई के मुख्य आयोजक हसनात अब्दुल्लाह ने फिर भारत पर सीधा हमला बोलै है। हसनात नेशनल सिटीजन पार्टी के उम्मीदवार भी हैं और 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। कुमिला-4 सीट से उम्मीदवार हसनत अब्दुल्लाह पर आरोप है कि वे भारत विरोधी भावनाओं को भड़काकर चुनावी फायदा उठाना चाहते हैं।
भारत पर आवामी लीग के लोगों को पनाह देने का आरोप
17 दिसंबर 2025 को कुमिला के फुलटोली इलाके में एक मीटिंग में हसनत अब्दुल्लाह ने कहा, 'अगर आप शूट ऑन साइट की नीति पर यकीन रखते हैं, तो मैं सलाम ऑन साइट की नीति क्यों मानूं ?
एनसीपी नेता हसनात ने भारत पर अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को भारत में पनाह देने और उन्हें ट्रेनिंग के साथ पैसों की मदद का भी आरोप लगाया है। हसनात ने यह भी आरोप लगाया है कि भारत में आवामी लीग के हज़ारो कार्यकर्त्ता बिना वैध दस्तावेजों के भारत में घुस रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, 'आतंकवादियों को पनाह देकर और बांग्लादेश में अशांति फैलाकर आप दोस्ताना रिश्ते की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?
सेवन सिस्टर्स को अलग करने की दी धमकी।
हसनात अब्दुल्लाह पहले भी भारत को धमकी देते हुए कहा था कि अगर बांग्लादेश को अस्थिर करने की कोशिश हुई तो भारत के सात उत्तर-पूर्वी राज्यों को अलग करने की कोशिश होगी जिससे पूरे इलाके में इसका असर पड़ेगा।
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बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शन हो रहे
17 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 'जुलाई ओइक्या' (जुलाई एकता) के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने भारत के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करते हुए भारतीय हाई कमीशन की तरफ मार्च किया था। प्रदर्शनकारी शेख हसीना और पिछले साल जुलाई विद्रोह के बाद भागे लोगों के प्रत्यर्पण की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उत्तर बड्डा के हुसैन मार्केट के पास बैरिकेड लगाकर इस मार्च को रोकने की कोशिश की थी । प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ना चाहते थे लेकिन पुलिस ने इनकी इस मंशा को नाकाम करदिया। प्रदर्शनकारियों ने 'दिल्ली हो या ढाका, ढाका तो ढाका है' और 'मेरा भाई हादी- हादी को क्यों मारना पड़ा?' जैसे नारे लगाए।
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