बिहार में शीतलहर और घने कोहरे का कहर, सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त
उफ़क साहिल
बिहार में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जा रही है।
कोहरे और ठंड का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। सड़क मार्ग पर वाहनों की गति धीमी हो गई है, वहीं रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर पड़ा है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शीतलहर के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जिलों में ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। गरीब और बेघर लोगों के लिए ठंड जानलेवा साबित हो सकती है, जिसको लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा ठंड से बचाव के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि ठंड के इस मौसम में एक-दूसरे की मदद करें और सावधानी बरतें।
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