बिजली सब्सिडी और बढ़ता घाटा, तेलंगाना की DISCOMs पर बढ़ा आर्थिक दबाव: वित्त आयोग
वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, देश भर की सरकारी DISCOMs पर जमा घाटे में तेलंगाना का योगदान करीब 9 प्रतिशत है। किसानों को मुफ्त बिजली, गृह ज्योति योजना और अन्य सब्सिडी योजनाओं से बिजली कंपनियों की आर्थिक हालत कमजोर हुई है। इसी दबाव को संभालने के लिए सरकार ने एक नई DISCOM बनाने का फैसला किया है।
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बिजली सब्सिडी और बढ़ता घाटा, तेलंगाना की DISCOMs पर बढ़ा आर्थिक दबाव: वित्त आयोग
तेलंगाना की बिजली वितरण कंपनियां (DISCOMs) गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में सरकारी DISCOMs पर बढ़ते घाटे में तेलंगाना का हिस्सा काफी बड़ा है। राज्य में बिजली पर दी जा रही भारी सब्सिडी के कारण बिजली कंपनियों की वित्तीय हालत कमजोर होती जा रही है।
देश की सरकारी DISCOMs पर कुल ₹7.40 लाख करोड़ का जमा घाटा है। इसमें अकेले तेलंगाना का योगदान करीब 9 प्रतिशत बताया गया है। इस मामले में तमिलनाडु सबसे आगे है, जहां कुल घाटे का 24 प्रतिशत है। इसके बाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान (13-13 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (10 प्रतिशत) और पड़ोसी आंध्र प्रदेश (4 प्रतिशत) का हिस्सा है।
वित्त आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ता कर्ज, अल्पकालिक उधारी और लगातार जमा हो रहा घाटा बिजली वितरण कंपनियों के लिए बड़ा बोझ बन गया है। खास बात यह है कि देश के सिर्फ आठ राज्यों में कुल घाटे का 83 प्रतिशत केंद्रित है, जिससे इन राज्यों पर आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।
तेलंगाना में दक्षिणी और उत्तरी बिजली वितरण कंपनियों पर 2018-19 में कुल कर्ज और घाटा ₹17,934 करोड़ था। यह आंकड़ा 2023-24 तक बढ़कर ₹46,127 करोड़ हो गया, जो बिगड़ती वित्तीय स्थिति को साफ दिखाता है।
सब्सिडी वाली बिजली आपूर्ति को बेहतर तरीके से संभालने के लिए तेलंगाना सरकार ने 1 अप्रैल से एक तीसरी DISCOM बनाने का फैसला किया है। यह नई कंपनी मुख्य रूप से कृषि कनेक्शनों और मेट्रो वाटर सप्लाई को बिजली उपलब्ध कराएगी, जिन पर सरकार सब्सिडी देती है। इन सभी कनेक्शनों को नई DISCOM में स्थानांतरित कर दिया गया है, हालांकि नई कंपनी को पुरानी दोनों DISCOMs के घाटे और जिम्मेदारियां भी संभालनी होंगी।
तेलंगाना बिजली सब्सिडी देने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने ₹16,016 करोड़ की सब्सिडी दी है, जिसमें किसानों को मुफ्त बिजली, गृह ज्योति योजना के तहत 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और कुछ चुनिंदा वर्गों को दी जाने वाली सब्सिडी शामिल है।
देश भर में राज्यों ने कुल ₹2.62 लाख करोड़ की बिजली सब्सिडी दी है। इसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे है (₹33,384 करोड़), जबकि तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है (₹32,098 करोड़)। वित्त आयोग ने कहा है कि DISCOMs की आमदनी का मुख्य स्रोत बिजली बिक्री और राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी है।
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