ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका में पाकिस्तान की महंगी लॉबिंग, हर महीने 50 हजार डॉलर खर्च
अमेरिकी दस्तावेज़ों से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के समय वॉशिंगटन डीसी में सक्रिय लॉबिंग अभियान चलाया। इसके लिए जैवेलिन एडवाइजर्स और स्क्वायर पैटन बोग्स जैसी बड़ी फर्मों को हर महीने हजारों डॉलर की फीस पर नियुक्त किया गया। इन फर्मों ने अमेरिकी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं, अहम संसदीय समितियों और बड़े अखबारों के पत्रकारों से संपर्क किया। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान अमेरिका में लॉबिंग पर भारत से कई गुना ज्यादा खर्च कर रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने पक्ष को मजबूत किया जा सके।
नवीदुल हसन
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका में पाकिस्तान की बड़ी लॉबिंग मुहिम, हर महीने 50 हजार डॉलर में फर्मों को किया हायर
वॉशिंगटन: भारत के खिलाफ कूटनीतिक दबाव बनाने और अपनी बात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रखने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका में बड़े पैमाने पर लॉबिंग करवाई। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) में दर्ज आधिकारिक दस्तावेज़ों से पता चला है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और उसके बाद पाकिस्तान ने वॉशिंगटन डीसी की कई महंगी और प्रभावशाली लॉबिंग फर्मों को काम पर लगाया।
इन फर्मों का मकसद अमेरिकी संसद (कांग्रेस), सीनेट और सरकार के शीर्ष नेताओं तक पाकिस्तान का पक्ष पहुंचाना था। इस अभियान में जैवेलिन एडवाइजर्स (Javelin Advisors) और स्क्वायर पैटन बोग्स (Squire Patton Boggs) जैसी नामी लॉबिंग कंपनियां शामिल रहीं।
दस्तावेज़ों के अनुसार, जैवेलिन एडवाइजर्स को पाकिस्तान ने अप्रैल 2025 में हर महीने 50,000 डॉलर (करीब 40 लाख रुपये) की फीस पर नियुक्त किया। इस कंपनी की खास बात यह है कि इसे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व बॉडीगार्ड कीथ शिलर और ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के पूर्व अधिकारी जॉर्ज सोरियल ने मिलकर शुरू किया था।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैवेलिन एडवाइजर्स ने अमेरिकी राजनीति के बड़े नामों से संपर्क किया। इनमें सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून, सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर, हाउस मेजॉरिटी लीडर स्टीव स्कैलिस और हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज़ शामिल थे। इन नेताओं के जरिए पाकिस्तान ने भारत-पाक तनाव पर अपनी बात रखने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, इस फर्म ने उन सांसदों को भी निशाना बनाया जो विदेश नीति, रक्षा और दक्षिण एशिया से जुड़े अहम संसदीय समितियों का हिस्सा हैं। 7 मई को जैवेलिन एडवाइजर्स ने पाकिस्तान के अमेरिकी राजदूत रिज़वान सईद शेख और हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट के बीच एक अहम बातचीत भी करवाई। इस बातचीत में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा हुई।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की एक और लॉबिंग फर्म स्क्वायर पैटन बोग्स ने भी अमेरिकी सांसदों के बीच सक्रिय भूमिका निभाई। इस फर्म ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के एक दर्जन से ज्यादा सांसदों से संपर्क किया, जिनमें कई सांसद दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की उपसमिति से जुड़े थे।
DOJ में जमा दस्तावेज़ों के मुताबिक, स्क्वायर पैटन बोग्स ने अमेरिकी सांसदों को एक सूचनात्मक नोट भी भेजा। इस नोट में पाकिस्तान ने भारत पर अपने देश के अंदर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया, जबकि पहलगाम आतंकी हमले में किसी भी तरह की पाकिस्तानी भूमिका से इनकार किया गया। साथ ही, इस नोट में कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका की मध्यस्थता की वकालत की गई और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की सराहना की गई।
इन लॉबिंग कंपनियों की गतिविधियां सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं रहीं। रिपोर्ट के अनुसार, इन फर्मों ने न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल जैसे बड़े अमेरिकी अखबारों के पत्रकारों से भी संपर्क किया, ताकि मीडिया में पाकिस्तान का पक्ष प्रमुखता से सामने आ सके।
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2025 में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि पाकिस्तान अमेरिका में लॉबिंग पर भारत की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा खर्च कर रहा है। उस समय पाकिस्तान हर महीने करीब 6 लाख डॉलर छह अलग-अलग लॉबिंग फर्मों पर खर्च कर रहा था, जबकि भारत केवल 2 लाख डॉलर के आसपास खर्च कर रहा था।
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