इतिहास में पहली बार मुंबई का मेयर दिल्ली से चुने जाने पर सियासी घमासान
खुशबू खातून
मुंबई:
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि “इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मुंबई का मेयर दिल्ली से चुना जा रहा है।”
संजय राउत के इस बयान को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला माना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के मेयर पद को लेकर फैसले अब स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि दिल्ली से तय किए जा रहे हैं। राउत ने कहा कि जो लोग खुद को असली शिवसैनिक बताते हैं, उन्हें भी मेयर बनने के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है, जो मुंबई की अस्मिता और स्वाभिमान पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आगे कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां के जनप्रतिनिधियों का चयन मुंबई की जनता की इच्छा से होना चाहिए, न कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों पर। राउत ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया और कहा कि इससे स्थानीय स्वशासन की भावना कमजोर होती है।
इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा की ओर से अभी इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में BMC चुनाव को लेकर सियासी टकराव और तेज़ हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई मेयर पद को लेकर उठे इस विवाद का असर न सिर्फ BMC चुनावों पर पड़ेगा, बल्कि इसका प्रभाव महाराष्ट्र की राज्य राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
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