बीजेपी–कांग्रेस गठबंधन पर बवाल, फडणवीस ने अंबरनाथ और अकोट मामले में कार्रवाई के दिए आदेश
महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब अंबरनाथ और अकोट नगर परिषदों में बीजेपी ने कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ मिलकर सत्ता बनाई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस गठबंधन को अस्वीकार्य बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस घटनाक्रम से बीजेपी–शिवसेना गठबंधन में तनाव बढ़ गया है, जबकि कांग्रेस ने भी बिना अनुमति गठबंधन करने वाले अपने नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
नवीदुल हसन
बीजेपी-कांग्रेस की स्थानीय निकायों में मिलीभगत, फडणवीस ने सख्त कार्रवाई के दिए आदेश
महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों की राजनीति उस समय गरमा गई जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कुछ स्थानीय नेताओं ने कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ मिलकर गठबंधन कर लिया। इस मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी नाराज़गी जताई है और इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 7 जनवरी 2026 को साफ कहा कि बीजेपी किसी भी स्तर पर कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ गठबंधन को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अंबरनाथ और अकोट में जो कुछ हुआ है, वह बिल्कुल गलत है और अगर यह गठबंधन स्थानीय नेताओं की वजह से बना है तो इसे तुरंत तोड़ा जाएगा।
अंबरनाथ नगर परिषद में हुए दूसरे चरण के चुनाव में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 59 सदस्यीय परिषद में शिवसेना को 28 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी को 14, कांग्रेस को 12 और एनसीपी को 4 सीटें मिलीं।
इसके बावजूद बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर गठबंधन कर लिया और शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया। इस गठबंधन की उम्मीदवार बीजेपी की तेजश्री करंजुले पाटिल को नगर परिषद अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने शिवसेना की उम्मीदवार मनीषा वालेकर को हराया और बुधवार को शपथ ली।
शिवसेना के स्थानीय नेता बालाजी किणेकर ने कहा कि पार्टी ने बीजेपी से गठबंधन की बात की थी और वरिष्ठ नेताओं ने सहमति भी दी थी, लेकिन स्थानीय बीजेपी नेताओं ने कलेक्टर को पत्र देकर शिवसेना को सत्ता से बाहर रखने की कोशिश की, जो बेहद अशोभनीयहै।
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी नेतृत्व से सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों से बीजेपी हमेशा लड़ती रही है, उन्हीं कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करना सिर्फ सत्ता की लालच दिखाता है। उन्होंने मांग की कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व इस पर सख्त कदम उठाए।
अकोट नगर परिषद में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां बीजेपी ने एआईएमआईएम सहित कई दलों के साथ मिलकर ‘अकोट विकास मंच’ नाम से गठबंधन बनाया। 35 सदस्यीय परिषद में बीजेपी को 11 सीटें मिलीं, जबकि एआईएमआईएम को 2 सीटें मिलीं। अन्य दलों के समर्थन से गठबंधन के पास कुल 25 सदस्यों का समर्थन बताया जा रहा है।
इस गठबंधन को 13 जनवरी को होने वाले उपाध्यक्ष और समितियों के चुनाव से पहले जिला प्रशासन के पास पंजीकृत किया गया।
बीजेपी ने इस मामले में अकोट के विधायक प्रकाश भारसाखले को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि एआईएमआईएम के साथ गठबंधन से पार्टी की छवि खराब हुई है।
अंबरनाथ मामले में कांग्रेस ने भी अपने नेताओं पर कार्रवाई की है। पार्टी ने बिना
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