अमेरिकी कमांडर ने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की, क्षेत्रीय शांति के लिए बताया अहम कदम
खुशबू खातून
नई दिल्ली। अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स इंडो-पैसिफिक कमांड (INDO-PACOM) के शीर्ष सैन्य अधिकारी ने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खुलकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारतीय सशस्त्र बलों की रणनीतिक सूझबूझ, उच्च स्तर की तैयारी और संतुलित सैन्य शक्ति का उदाहरण है।
अमेरिकी कमांडर ने अपने बयान में कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ यह दर्शाता है कि भारत न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, भारत ने इस ऑपरेशन के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया है कि किसी भी चुनौती का सामना संयम और रणनीतिक सतर्कता के साथ किया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा समय में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच भारत की भूमिका और भी अहम हो गई है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और इस तरह के अभियानों से दोनों देशों के बीच भरोसा और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलती है।
अमेरिकी कमांडर के मुताबिक, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सबसे बड़ी खासियत रही। इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और अनुशासन के बल पर किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सैन्य छवि और मजबूत होगी। साथ ही, यह संदेश भी जाएगा कि भारत क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति स्थापना में एक भरोसेमंद साझेदार है।
रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि अमेरिका द्वारा इस तरह की सराहना भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा दे सकती है। आने वाले समय में संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक के आदान-प्रदान और रणनीतिक संवाद में और तेजी आने की संभावना है
अमेरिकी कमांडर द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रशंसा न केवल भारतीय सशस्त्र बलों के मनोबल को बढ़ाने वाली है, बल्कि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती सामरिक भूमिका को भी रेखांकित करती है। यह बयान दोनों देशों के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों और साझा सुरक्षा हितों का प्रतीक माना जा रहा है।
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