दबाव के बीच कोहली की शतकीय वापसी
संक्षेप: विजय हज़ारे ट्रॉफी में वापसी करते हुए विराट कोहली ने शांति और समझदारी से शतक लगाया। फॉर्म को लेकर चल रही चर्चा के बीच उन्होंने धैर्य से बल्लेबाज़ी की और यह दिखाया कि वह आज भी बड़े खिलाड़ी हैं।
विजय हज़ारे ट्रॉफी में विराट कोहली का शानदार शतक, लेकिन असली लड़ाई दिमाग की थी
शायना जमील ।
विजय हज़ारे ट्रॉफी में लिस्ट-A क्रिकेट में वापसी करते हुए विराट कोहली ने शतक लगाया। यह शतक खास इसलिए नहीं था कि इसमें चौके-छक्के ज़्यादा थे, बल्कि इसलिए क्योंकि इसमें धैर्य और समझदारी साफ दिखी।
काफी समय बाद इस फॉर्मेट में खेलते हुए कोहली ने जल्दबाज़ी नहीं की। उन्होंने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाज़ी की, गेंद को समझा और गलत शॉट खेलने से बचे। ऐसा लग रहा था कि वह सिर्फ गेंदबाज़ों से नहीं, बल्कि अपने मन के दबाव से भी लड़ रहे हैं।
पिछले कुछ समय से उनके फॉर्म को लेकर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में यह पारी उनके लिए आसान नहीं थी। लेकिन कोहली ने शांति बनाए रखी और धीरे-धीरे रन बनाते गए। जैसे-जैसे रन बढ़े, उनका आत्मविश्वास भी लौटता गया और आखिरकार उन्होंने अपना शतक पूरा किया।
यह पारी दिखाती है कि विराट कोहली अब भी बड़े खिलाड़ी हैं। कभी-कभी क्रिकेट में सबसे बड़ी लड़ाई बल्ले से नहीं, दिमाग से होती है और इस मैच में कोहली ने वही लड़ाई जीत ली।
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