गाज़ा में तूफ़ान और बाढ़ ने छीना सुकून, टेंटों में रह रहे 9 लाख लोगों की ज़िंदगी खतरे में
रेहान फ़ज़ल
गाज़ा में सर्दियों के तेज़ तूफ़ान और मूसलाधार बारिश ने हालात को और भयावह बना दिया है। बाढ़ और तेज़ हवाओं की मार झेल रहे गाज़ा के विस्थापित लोग, जो पहले ही जंग और तबाही से जूझ रहे हैं, अब क़ुदरत के कहर का सामना कर रहे हैं। टेंटों में रहने को मजबूर लगभग 9 लाख फ़िलिस्तीनियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।
लगातार बारिश के कारण टेंटों के आसपास पानी भर गया है, कई टेंट ढह गए हैं और ठंड ने बच्चों, बुज़ुर्गों व महिलाओं की जान पर खतरा पैदा कर दिया है। राहत एजेंसियों के अनुसार, गाज़ा सिटी के पश्चिमी इलाके में एक 30 वर्षीय फ़िलिस्तीनी महिला की मौत हो गई, जब तेज़ हवाओं के चलते उसके टेंट पर दीवार गिर पड़ी।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि तेज़ हवाओं और ठंड के कारण कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। भोजन, साफ़ पानी और गर्म कपड़ों की भारी कमी के बीच यह मौसम विस्थापित लोगों के लिए एक गंभीर मानवीय संकट बन चुका है।
राहत संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल मदद नहीं पहुंची, तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं। गाज़ा में पहले से तबाह बुनियादी ढांचे के बीच यह प्राकृतिक आपदा लोगों के दर्द और बेबसी को और गहरा कर रही है।
What's Your Reaction?

