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रात में बार-बार नींद खुलना सिर्फ एक सामान्य आदत नहीं, बल्कि शरीर की ओर से मिलने वाला एक अहम संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की नींद लगातार टूट रही है और उसे दोबारा सोने में दिक्कत हो रही है, तो इसके पीछे स्लीप एपनिया, अनिद्रा, मानसिक तनाव या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं। इतना ही नहीं, कमरे का माहौल और देर रात तक स्क्रीन का इस्तेमाल भी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे संकेतों को समय रहते समझना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है।
सिर्फ थकान नहीं, गंभीर बीमारी का भी हो सकता है संकेत
रात में बार-बार जागने की सबसे बड़ी वजहों में स्लीप एपनिया को माना जाता है। इस स्थिति में सोते समय व्यक्ति की सांस कुछ सेकंड के लिए रुक जाती है या धीमी पड़ जाती है, जिससे नींद बार-बार बाधित होती है। कई बार मरीज को खुद इसका एहसास भी नहीं होता, लेकिन सुबह सिरदर्द, दिनभर सुस्ती, तेज खर्राटे और काम में ध्यान न लगना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। लंबे समय तक यह समस्या बनी रहने पर इसका असर हृदय और समग्र स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।
तनाव और अनिद्रा बिगाड़ सकते हैं पूरी रात का आराम
मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन भी रात में नींद टूटने की बड़ी वजह बन सकते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर रात में कई बार जागने की समस्या होती है और फिर दोबारा नींद आने में काफी समय लग जाता है। लगातार खराब नींद का असर व्यक्ति के मूड, कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय उचित उपचार लेना चाहिए।
छोटी-छोटी आदतें भी बन सकती हैं नींद की दुश्मन
रात में बार-बार पेशाब आना, कमरे का अधिक गर्म होना या सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल भी नींद खराब कर सकता है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर की प्राकृतिक स्लीप साइकिल को प्रभावित करती है, जिससे गहरी नींद लेने में
परेशानी होती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बेहतर नींद के लिए कमरे का तापमान संतुलित रखें, सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं और यदि समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध शोध पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण के लिए डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
