सोशल मीडिया विवाद के बीच चर्चा में आईं अदिति यादव
समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav की बड़ी बेटी Aditi Yadav इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। पिछले कुछ दिनों में उनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए कई भ्रामक पोस्ट साझा किए गए, जिनमें तरह-तरह के दावे किए गए। मामला इतना बढ़ गया कि राजनीतिक गलियारों तक इसकी चर्चा पहुंच गई और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत हमलों और फर्जी सूचनाओं की आलोचना करते हुए इसे अनुचित बताया।
अदिति यादव, अखिलेश यादव और मैनपुरी सांसद Dimple Yadav की बड़ी बेटी हैं। उनका जन्म 26 अगस्त 2002 को हुआ था। वह आमतौर पर राजनीतिक गतिविधियों और मीडिया की चकाचौंध से दूर रहती हैं। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान वह अपनी मां डिंपल यादव के साथ चुनाव प्रचार में नजर आई थीं, जिसके बाद पहली बार बड़े स्तर पर लोगों का ध्यान उनकी ओर गया।
परिवार के अन्य सदस्यों की तरह सक्रिय राजनीति में आने के बजाय उन्होंने अपनी पढ़ाई और शैक्षणिक जीवन पर अधिक ध्यान दिया है।
स्कूली शिक्षा में हासिल किए शानदार अंक
अदिति यादव ने अपनी शुरुआती और स्कूली शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित La Martiniere Girls' College से पूरी की। वर्ष 2020 में उन्होंने 12वीं की परीक्षा में लगभग 98 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। उस समय उनकी शैक्षणिक उपलब्धि की काफी चर्चा हुई थी और उन्हें मेधावी छात्राओं में गिना गया था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी अकादमिक सफलता को विशेष रूप से उल्लेखित किया गया था।
आखिर कहां पढ़ाई कर रही हैं अदिति यादव?
अदिति यादव की उच्च शिक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए गए। हालांकि हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें लंदन स्थित University College London (UCL) की छात्रा बताया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार वह वहां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
वहीं कुछ पुराने दावों और सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा गया कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय से कानून की पढ़ाई कर रही हैं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उपलब्ध और ताजा रिपोर्ट्स के आधार पर UCL में अध्ययन करने वाली जानकारी अधिक विश्वसनीय मानी जा रही है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर अदिति यादव की तस्वीरों के साथ कई पोस्ट वायरल होने लगीं। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि वह विदेश में पढ़ाई के नाम पर करोड़ों रुपये लेकर गायब हो गई हैं। कुछ अन्य पोस्ट में उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी अपुष्ट और आपत्तिजनक बातें लिखी गईं।
इन दावों के समर्थन में कोई विश्वसनीय प्रमाण सामने नहीं आया। समाजवादी पार्टी समर्थकों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इन पोस्टों को फर्जी और भ्रामक बताया। आरोप लगाया गया कि राजनीतिक लाभ के लिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया ने बढ़ाई चर्चा
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक रूप से इस तरह की पोस्टों की आलोचना की। राजनीतिक विरोध के बावजूद उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र या परिवार की बेटी को झूठे आरोपों और चरित्र हनन का निशाना बनाना उचित नहीं है। उनकी इस टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा और सभ्यता के उदाहरण के रूप में देखा गया।
