
महिला बनकर चोरी करने वाला आरोपी।Source : Pinterest
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी पहचान छिपाने के लिए महिलाओं का भेष अपनाया और लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अपनी मां का सलवार-सूट और चुनरी पहनकर चोरी करने निकलता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लंबे बाल और महिला जैसे पहनावे की वजह से वह आसानी से लोगों को भ्रमित कर देता था। कोतवाली पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना शाहपुर क्षेत्र का रहने वाला अरवाज खान है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर शहर में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
मां ने दिया था महिला बनकर चोरी करने का सुझाव
एसपी सिटी निमिष पाटिल के मुताबिक पूछताछ के दौरान पता चला कि अरवाज की मां ने ही उसे महिलाओं का भेष धारण कर चोरी करने की सलाह दी थी। मां का मानना था कि अगर वह सलवार-सूट पहनकर और चुनरी ओढ़कर निकलेगा तो लोगों को उस पर कम शक होगा। इसके लिए उसने अपने कपड़े भी बेटे को दिए थे। इसी योजना के तहत अरवाज ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अरवाज खान के अलावा उसके दो साथियों रियासत उर्फ इमरान और राशिद खान उर्फ पिद्दी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 22 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, नौ चांदी जैसे सिक्के और एक चांदी जैसा कछुआ बरामद किया गया है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए अरवाज के पास से भी 27 हजार रुपये नकद मिले थे।
17 मोबाइल चोरी करने की बात कबूली
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अब तक 17 मोबाइल फोन चोरी करने की बात स्वीकार की है। इनमें से 12 मोबाइल फोन उन्होंने अलग-अलग फेरीवालों को बेच दिए थे। पुलिस अब चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
लंबे बाल और चुनरी की वजह से नहीं होता था शक
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अरवाज ने अपने बाल काफी लंबे कर रखे थे। चोरी के दौरान वह सलवार-सूट पहनकर और चुनरी से चेहरा ढककर निकलता था। दूर से देखने पर वह बिल्कुल महिला जैसा दिखाई देता था, जिससे लोगों को उस पर शक नहीं होता था। इसी वजह से कई वारदातों में वह आसानी से बच निकलने में सफल रहा।
ई-रिक्शा से पहुंचते थे चोरी की जगह
जांच में पता चला कि राशिद खान गिरोह के लिए ई-रिक्शा चालक की भूमिका निभाता था। वह आरोपियों को चोरी वाली जगह तक पहुंचाने और बाद में चोरी के सामान को ठिकाने लगाने में मदद करता था। वहीं अरवाज और रियासत मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
इन घटनाओं को दिया था अंजाम
पुलिस के अनुसार 11 जून की रात आरोपियों ने जुबली कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में एक दुकान का शटर तोड़कर चोरी की थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें सलवार-सूट पहने आरोपी दिखाई दिए थे।इसके अलावा 13 जून की रात खुनीपुर इलाके में स्थित एक बिस्कुट और टॉफी की दुकान में भी चोरी की गई थी। उसी रात एक अन्य दुकान में दीवार और प्लाई तोड़कर अंदर घुसने के बाद नकदी और चांदी के सिक्के चुरा लिए गए थे। इन मामलों में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
मां की भूमिका की भी होगी जांच
पुलिस अब आरोपी अरवाज खान की मां की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में यह साबित होता है कि उसने चोरी की योजना बनाने या उसे बढ़ावा देने में भूमिका निभाई है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
