
कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट और बिहार की उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह।Source : Chrome
बिहार की राजनीति में श्रेयसी सिंह एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने खेल और राजनीति दोनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और आज बिहार सरकार में उद्योग एवं खेल मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। आइए जानते हैं कि श्रेयसी सिंह कौन हैं, उनकी शिक्षा, परिवार, खेल करियर और राजनीतिक सफर कैसा रहा।
कौन हैं श्रेयसी सिंह?
श्रेयसी सिंह का जन्म 29 अगस्त 1991 को बिहार के जमुई जिले के गिद्धौर में हुआ था। उनका संबंध बिहार के एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से है। उनके पिता दिग्विजय सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि उनकी मां पुतुल कुमारी बांका से पूर्व सांसद रही हैं।
पढ़ाई और शुरुआती जीवन
श्रेयसी सिंह ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से कला (Arts) में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद से एमबीए की पढ़ाई पूरी की।बचपन से ही उनका झुकाव निशानेबाजी की ओर था। परिवार का खेल से जुड़ाव होने के कारण उन्होंने इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाया।
शूटिंग में बनाया बड़ा नाम
श्रेयसी सिंह भारत की अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज हैं और उन्होंने डबल ट्रैप स्पर्धा में कई बड़े पदक अपने नाम किए।उनकी प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं।2014 कॉमनवेल्थ गेम्स (ग्लासगो) में डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीता।2014 एशियाई खेल (इंचियोन) में टीम डबल ट्रैप स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया।2017 राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता।2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया) में डबल ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
शूटिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
राजनीति में कैसे हुई एंट्री?
साल 2020 में 29 वर्ष की उम्र में श्रेयसी सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुईं। उसी वर्ष उन्होंने जमुई विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार विजय प्रकाश यादव को 41 हजार से अधिक वोटों से हराकर पहली बार विधायक बनीं।इसके बाद 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर जीत दर्ज की और इस बार करीब 54,498 वोटों के बड़े अंतर से चुनाव जीता।
कौन-कौन से मंत्रालय संभाल चुकी हैं?
20 नवंबर 2025 को उन्हें बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया।उन्होंने पहले खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्री के रूप में काम किया।इसके बाद 7 मई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार में उन्हें उद्योग मंत्री और खेल मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
खेल मंत्री के रूप में क्या है उनकी प्राथमिकता?
श्रेयसी सिंह का कहना है कि बिहार को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए राज्य के विभिन्न जिलों में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने पर काम किया जा रहा है।उन्होंने बिहार की अपनी आईपीएल क्रिकेट टीम बनाए जाने की मांग का भी समर्थन किया है। उनका मानना है कि इससे राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा।साथ ही वे खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दे रही हैं।
खेल और राजनीति का सफल संतुलन
श्रेयसी सिंह उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने पहले खेल के मैदान में देश का नाम रोशन किया और फिर राजनीति में सक्रिय होकर जनसेवा का रास्ता चुना। एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और मंत्री के रूप में वे बिहार में खेल और औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं।
