ere | Source: rereनई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में बुधवार सुबह भारत के लिए शानदार खबर आई। भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तानिपार्थी की भारतीय तिकड़ी ने बेहद करीबी मुकाबले में चीन को 238-234 के अंतर से मात दी।

सेमीफाइनल जीतने के तुरंत बाद फाइनल में उतरी भारतीय तिकड़ी

भारतीय टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तानिपार्थी शामिल थीं। तीनों खिलाड़ी सुबह करीब छह बजे दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में उतरीं। लगभग आधे घंटे के भीतर भारत ने सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बना ली।

इसके कुछ ही समय बाद भारतीय तीरंदाजों के सामने स्वर्ण पदक के लिए चीन की मजबूत चुनौती थी। भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच शानदार निशाने लगाए और मुकाबले के अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में अपना सातवां स्वर्ण पदक हासिल किया।

पहले हाफ में ही भारत ने बना ली मजबूत बढ़त

फाइनल की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने सटीक निशाने लगाए। पहले चरण में भारत ने 60-58 से बढ़त बनाई। इसके बाद दूसरे चरण में भी भारतीय तीरंदाजों ने 60-58 का स्कोर हासिल करते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली।

मध्यांतर तक भारत चीन से 119-116 से आगे था। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार सटीक निशाने लगाते हुए चीन को वापसी का मौका नहीं दिया।

238 अंक और 12 साल पुराने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी

भारतीय टीम ने फाइनल में कुल 238 अंक हासिल किए। यह स्कोर महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी के लिए पर्याप्त रहा। इससे पहले दक्षिण कोरिया की टीम ने 2014 में इंचियोन एशियन गेम्स में 238 अंक का विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

इस तरह भारतीय महिला तीरंदाजों ने करीब 12 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए अपने स्वर्ण पदक की चमक और बढ़ा दी। खास बात यह रही कि ज्योति सुरेखा वेन्नम इस भारतीय तिकड़ी की अकेली सदस्य हैं, जो हांग्जो 2023 में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थीं।

पृथिका का एक भी तीर खाली नहीं गया

फाइनल में भारतीय टीम की ओर से पृथिका प्रदीप ने भी बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनके किसी भी तीर से अंक हासिल करने का मौका नहीं चूका। भारतीय टीम ने लगातार सटीक निशाने लगाकर मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी।

चीन की टीम से दो बार नौ अंक के निशाने लगे, जिससे उस पर दबाव बढ़ गया। दूसरी ओर भारत ने छह परफेक्ट 10 के साथ शानदार राउंड पूरा किया और मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया।

दक्षिण कोरिया को हराकर फाइनल में पहुंचा था भारत

स्वर्ण पदक के मुकाबले से पहले भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराया था। इसके बाद फाइनल में चीन के खिलाफ भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय कायम रखी।

फाइनल में 238 अंक बनाकर भारत ने न केवल एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता, बल्कि महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। भारतीय तीरंदाजों का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और यादगार उपलब्धि बन गया।