नागोया। एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार, 2 अक्टूबर को भारतीय खेल प्रशंसकों को ऐसा ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों की महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में पहली बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
10 ओलंपिक स्वर्ण वाली टीम को भारत की बेटियों ने दी शिकस्त
भारतीय टीम की इस उपलब्धि की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि फाइनल में उसका सामना मौजूदा विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया से था। कोरियाई टीम तीरंदाजी की दुनिया में बेहद मजबूत मानी जाती है और उसके नाम 10 ओलंपिक स्वर्ण पदक हैं। इसके बावजूद अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय तिकड़ी ने दबाव में शानदार संयम दिखाया और निर्णायक मुकाबले में कोरियाई टीम को पछाड़ दिया।
दक्षिण कोरिया की टीम में विश्व चैंपियन कांग चेयंग, ओ येजिन और ली युनजी शामिल थीं। तेज हवा के बीच खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच शुरुआत से ही कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले दो सेट में भारत और दक्षिण कोरिया के तीरंदाजों ने लगभग बराबर प्रदर्शन किया और मुकाबला बेहद रोमांचक बना रहा।
पहले दो सेट में बराबरी, तीसरे में भारत ने बदली तस्वीर
फाइनल के शुरुआती दो सेट में दोनों टीमों ने एक-एक अंक हासिल किया। पहले सेट में दोनों टीमों ने 54-54 अंक बनाए, जबकि दूसरे सेट में भी मुकाबला 56-56 की बराबरी पर रहा। ऐसे में मुकाबला 2-2 अंक के साथ बराबरी पर था और तीसरे सेट का महत्व काफी बढ़ गया था।
तीसरे सेट में भारतीय तीरंदाजों ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। इसके विपरीत दक्षिण कोरियाई टीम से लगातार गलतियां हुईं। कोरियाई तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और उनकी टीम का स्कोर 52 तक ही पहुंच सका। भारत की ओर से अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ ने बेहतर निशाने लगाए और कुल 55 अंक हासिल कर तीसरा सेट अपने नाम कर लिया।
इस प्रदर्शन के साथ भारत ने मुकाबले में बढ़त बना ली और स्कोर 4-2 हो गया। अब भारतीय टीम को स्वर्ण पदक पक्का करने के लिए चौथे सेट में मुकाबला अपने पक्ष में बनाए रखना था।
चौथे सेट में भी नहीं टूटा भारतीय टीम का आत्मविश्वास
चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने वापसी की कोशिश की और 54 अंक हासिल किए। भारत की ओर से भी 54 अंक बनाए गए। इस सेट की शुरुआत में कीर्ति शर्मा ने आठ अंक हासिल किए, लेकिन बाद में भारतीय टीम ने अपना स्कोर संभालते हुए निर्णायक रूप से नौ अंक तक पहुंचाया और कुल स्कोर 54 कर लिया।
चौथा सेट बराबरी पर समाप्त होने के साथ भारतीय टीम ने कुल 5-3 के अंतर से फाइनल अपने नाम कर लिया। जैसे ही भारतीय खिलाड़ियों ने जीत दर्ज की, एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा का पहला भारतीय स्वर्ण पदक उनके नाम हो गया।
सेमीफाइनल में चीन को भी दी थी करारी चुनौती
फाइनल तक पहुंचने का भारतीय महिला रिकर्व टीम का सफर भी शानदार रहा। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत का सामना चीन से हुआ था। भारतीय टीम ने चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों की इस स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई थी।
सेमीफाइनल में भारत ने पहला सेट 53-51 से जीता। दूसरे सेट में भारतीय टीम ने 54-52 से बढ़त बनाई। तीसरा सेट 51-51 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद भारत ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी और 5-1 के स्कोर से फाइनल में प्रवेश किया।
भारतीय तीरंदाजी का एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन
महिला रिकर्व टीम की ऐतिहासिक जीत ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजी के शानदार प्रदर्शन को और मजबूत कर दिया है। प्रतियोगिता में भारतीय तीरंदाजों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और भारत की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इससे पहले तीरंदाजी में भारत एक कांस्य और तीन स्वर्ण पदक जीत चुका था। गणेश मनी रत्नम तिरमुरू ने पुरुष कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था। वहीं साहिल जाधव, गणेश मनी रत्नम और कुशल दलाल की पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीता।
मिक्स्ड टीम स्पर्धा में साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थी की जोड़ी ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके अलावा ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी की भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने भी स्वर्ण पदक जीतकर तीरंदाजी में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रखा।
पहली बार फाइनल और पहली बार स्वर्ण, भारतीय महिला रिकर्व टीम ने रचा नया अध्याय
महिला रिकर्व टीम की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि भारतीय टीम ने इससे पहले एशियाई खेलों में इस स्पर्धा के फाइनल में जगह नहीं बनाई थी। इस बार टीम ने पहले चीन को सेमीफाइनल में हराया और फिर फाइनल में दुनिया की मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम के खिलाफ जीत दर्ज कर सीधे स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
तेज हवा, विश्व चैंपियन प्रतिद्वंद्वी और फाइनल का दबाव—इन सभी परिस्थितियों के बीच भारतीय तीरंदाजों ने जिस तरह अपने निशाने पर नियंत्रण बनाए रखा, वह इस मुकाबले की अहम विशेषता रही। तीसरे सेट में मिली बढ़त ने मुकाबले की दिशा बदली और चौथे सेट में बराबरी के बाद भारत ने ऐतिहासिक स्वर्ण अपने नाम कर लिया।
भारत के लिए यादगार बनी 2 अक्टूबर की सुबह
एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर की शुरुआत भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास रही। महिला रिकर्व टीम की जीत ने न केवल भारत के पदक अभियान में एक और स्वर्ण जोड़ा, बल्कि एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में देश को पहली बार चैंपियन भी बनाया।
अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की तिकड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। मौजूदा विश्व चैंपियन और 10 ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुकी दक्षिण कोरियाई टीम के खिलाफ मिली यह जीत भारतीय महिला रिकर्व टीम के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गई है।
