आइची-नागोया। एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन भारत के खाते में दो और पदक जुड़े हैं। निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 47 हो गई है, जिसमें 5 स्वर्ण, 21 रजत और 21 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत फिलहाल 12वें स्थान पर है।
महिला ट्रैप टीम ने दिलाया रजत पदक
महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने 328 अंक हासिल करते हुए रजत पदक जीता। नीरू ने 118, आशीमा ने 106 और मनीषा ने 104 अंक जुटाए। चीन की टीम ने 346 अंक के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा किया, जबकि कुवैत को कांस्य पदक मिला।
नीरू ढांडा ने व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन किया और आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने कतर की रे बेसिल के साथ 118 अंक हासिल किए, जो एशियाई खेलों में क्वालीफिकेशन का नया रिकॉर्ड रहा। वहीं, आशीमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं।
पुरुष ट्रैप टीम स्पर्धा में हालांकि भारतीय टीम पदक हासिल नहीं कर सकी। भारत ने क्वालीफिकेशन में 339 अंक के साथ छठा स्थान हासिल किया।
महिला स्क्वॉश टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में ईरान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। पहले एकल मुकाबले में तन्वी खन्ना को प्रतिद्वंद्वी के बीच मुकाबला छोड़ने के बाद विजेता घोषित किया गया। उस समय नरगिस सोल्तानी 5-11, 0-3 से पीछे चल रही थीं।
इसके बाद अनाहत सिंह ने फेरेश्तेह इघतेदारी को सीधे तीन गेम में 11-5, 11-4, 11-7 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकीं अनाहत ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया।
तीसरे मुकाबले में अनुभवी जोशना चिनप्पा ने नजमेह बौशेहरिजादेह को 3-0 से मात दी। उन्होंने 11-3, 11-9 के स्कोर के साथ मुकाबला भारत के पक्ष में समाप्त किया और टीम को 3-0 की जीत दिलाई। भारतीय महिला स्क्वॉश टीम अब क्वार्टर फाइनल में बुधवार को सिंगापुर के खिलाफ उतरेगी।
भारत की नजरें आगे और पदकों पर
एशियन गेम्स के 11वें दिन भारत के कई खिलाड़ी निशानेबाजी, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और टेनिस सहित विभिन्न स्पर्धाओं में चुनौती पेश कर रहे हैं। मौजूदा पदक संख्या में पांच स्वर्ण, 21 रजत और 21 कांस्य शामिल हैं। भारतीय दल की नजरें अब आगामी मुकाबलों में पदकों की संख्या और बढ़ाने पर रहेंगी।
