बिहार। दुर्गापूजा और दशहरा के दौरान बिहार में इस बार प्रशासन का रुख बेहद सख्त रहेगा। राज्यभर में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और सोशल मीडिया पर भी पुलिस-प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। त्योहार के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी प्रीता वर्मा ने सोमवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी जिलों के डीएम और एसपी को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी निगरानी
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुर्गापूजा के दौरान सोशल मीडिया के सभी प्रमुख माध्यमों पर लगातार नजर रखी जाए। धर्म, जाति या भाषा के आधार पर नफरत फैलाने वाली सामग्री, अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रशासन को विशेष रूप से ऐसे मामलों पर सतर्क रहने को कहा गया है, जिनसे सामाजिक या सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के साथ भी सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा राज्य का बड़ा त्योहार है और इसे सुरक्षित तथा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
डीजे पर पूरे बिहार में पूर्ण प्रतिबंध
दुर्गापूजा के दौरान डीजे बजाने पर पूरे बिहार में पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पूजा पंडालों और जुलूसों में तेज आवाज वाले डीजे के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन को इस निर्देश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। इसके साथ ही जुलूस और पंडालों में भड़काऊ या उत्तेजक गाने बजाने पर भी रोक रहेगी।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपत्तिजनक नारे लगाने और प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। पूजा और विसर्जन के दौरान किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि पर कार्रवाई की जाएगी, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
पूजा पंडाल और विसर्जन जुलूस के लिए लाइसेंस जरूरी
सरकार ने सभी पूजा पंडालों, प्रतिमाओं और विसर्जन जुलूसों के लिए शत-प्रतिशत लाइसेंस अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। यानी बिना अनुमति के पूजा आयोजन या विसर्जन जुलूस निकालना आसान नहीं होगा। प्रशासन को सभी आयोजनों की जानकारी व्यवस्थित तरीके से रखने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
विसर्जन जुलूस में शामिल होने वाले 10 से 25 जिम्मेदार लोगों से अंडरटेकिंग भी ली जाएगी। इसके अलावा जुलूस जिस पूरे मार्ग से गुजरेगा, उसकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया है। इससे जुलूस की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ किसी विवाद या घटना की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
महिला और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। पूजा पंडालों, मेलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घरों से निकलने और प्रमुख पूजा स्थलों पर भीड़ जुटने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिले। किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या उपद्रव की स्थिति को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करने की रणनीति अपनाने पर जोर दिया गया।
11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्र
इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी। पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना शुरू होगी। श्रद्धालु नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे। दुर्गापूजा से जुड़े प्रमुख आयोजन और मेले का माहौल 16 अक्टूबर से अधिक व्यापक रूप में दिखाई देने लगेगा।
20 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर हवन और कन्या पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इसके बाद 21 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर नवरात्र का समापन होगा। इस दौरान बिहार के प्रमुख पूजा स्थलों के साथ अन्य संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने की तैयारी है।
पूजा समितियों की तैयारियां तेज
दुर्गापूजा को लेकर बिहार के विभिन्न इलाकों में पूजा समितियों की तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा पंडालों के निर्माण और मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। बाजारों में भी पूजा सामग्री की तैयारी शुरू हो चुकी है। स्थानीय निकायों की मदद से पूजा स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई का काम कराया जा रहा है।
त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति को लेकर भी बिजली विभाग तैयारी में जुटा है। पूजा स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।
अफवाह और उपद्रव पर प्रशासन की नजर
सरकार के निर्देशों से साफ है कि इस बार दुर्गापूजा के दौरान प्रशासन धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखेगा। अफवाह फैलाने, आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने, भड़काऊ नारे या गाने चलाने और प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन करने जैसी गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है।
समीक्षा बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और महानिदेशक (अभियान एवं विशेष शाखा) कुंदन कृष्णन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दुर्गापूजा और विजयादशमी के दौरान हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखें और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी पहले से पूरी कर लें।
शांतिपूर्ण दुर्गापूजा के लिए प्रशासन तैयार
बिहार सरकार का पूरा जोर इस बार दुर्गापूजा और दशहरा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने पर है। डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, सोशल मीडिया की निगरानी, पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूसों के लिए अनिवार्य लाइसेंस, जिम्मेदार लोगों से अंडरटेकिंग और जुलूसों की वीडियोग्राफी जैसे निर्देशों के जरिए प्रशासन ने अपनी तैयारियों का खाका स्पष्ट कर दिया है। अब पूजा समितियों और श्रद्धालुओं से भी निर्धारित नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाने की अपेक्षा की जा रही है।
