शिवालयों में बम-बम की गूंज
खुशबू खातून
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आज शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। महाशिवरात्रि और सावन जैसे पावन अवसरों पर शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और शंखनाद की ध्वनि से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा।
सुबह तड़के से ही भक्तों ने गंगा जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक के आयोजन किए गए। कई शिवालयों में भजन-कीर्तन और शिव महिमा का पाठ भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महिलाओं और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया, वहीं बच्चों ने भी माता-पिता के साथ पूजा में सहभागिता की।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसरों और आसपास पुलिस बल तैनात रहा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी की गई। स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए स्वयंसेवी संगठनों ने प्रसाद वितरण और जल सेवा का कार्य संभाला।
श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान शिव की पूजा से जीवन में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है। युवाओं ने बताया कि इस दिन उपवास रखकर शिव आराधना करने से मनोबल बढ़ता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कई स्थानों पर कांवड़ यात्रियों का भी आगमन हुआ, जिन्होंने गंगाजल लाकर शिवलिंग पर अर्पित किया।
दिन भर शिवालयों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। शाम के समय विशेष आरती का आयोजन किया गया, जिसमें दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार से वातावरण और भी अलौकिक हो गया। मंदिरों के बाहर फूलों, धूप और प्रसाद की दुकानों पर भी रौनक देखने को मिली।
इस तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा यह पर्व सामाजिक एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश देता नजर आया। शिवालयों में गूंजती “बम-बम भोले” की आवाज ने पूरे क्षेत्र को श्रद्धा और विश्वास से सराबोर कर दिया।
What's Your Reaction?

