वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा नदी के बीच नाव पर मांस पकाने और शराब पार्टी करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई नाव को भी सीज कर दिया है। वायरल वीडियो के साथ प्रसारित संदेश में दावा किया गया है कि संबंधित नाव भाजपा के एक पार्षद से जुड़ी है। मामले के सामने आने के बाद यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।

वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई

सोमवार शाम करीब एक मिनट 15 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो के साथ साझा किए गए संदेश में दावा किया गया कि पवित्र गंगा की धारा के बीच नाव पर मांस पकाया जा रहा था और शराब पार्टी भी चल रही थी। वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी। इसके बाद वीडियो में दिखाई दे रहे पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपक कुमार, अजय साहनी, अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद और राहुल साहनी शामिल हैं। सभी की उम्र 25 से 32 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त नाव को भी सीज कर दिया है। वायरल संदेश में नाव को भाजपा के मनोनीत पार्षद सत्यनारायण साहनी उर्फ तन्ना से जुड़ा बताया गया है, जो वर्तमान में भाजपा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल के उपाध्यक्ष भी हैं।

एसीपी ने क्या कहा?

एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मामले में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर वीडियो में दिखाई दे रहे सभी पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया वीडियो पुराना प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसकी जांच की जा रही है। नाव को भी सीज कर दिया गया है।

लोगों की भावनाएं आहत करने वाले कृत्यों से बचने की अपील

भाजपा पार्षद की नाव से जुड़े सवाल पर एसीपी ने कहा कि वीडियो में संबंधित पार्षद दिखाई नहीं दे रहे हैं। संभव है कि नाव उनकी या उनके परिवार के किसी सदस्य की हो। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धार्मिक या सामाजिक भावनाएं आहत हों। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रकार के मामलों में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले रमजान के दौरान पंचगंगा घाट के पास गंगा नदी में नाव पर बिरयानी पार्टी करने के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।