ere | Source: rereबिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गंगा बैराज पर 46 वर्षीय जितेंद्र कुमार शर्मा के नदी में छलांग लगाने की घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें जितेंद्र गंगा किनारे अकेले टहलते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ देर तक घाट के आसपास रहने के बाद वह रेलिंग के पास पहुंचे, उस पर चढ़े और अचानक गंगा नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद से जितेंद्र का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं।

गंगा बैराज के गेट नंबर 28 के पास मिलीं चप्पलें

मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के प्रगति विहार, काकरान वाटिका के पास रहने वाले जितेंद्र कुमार शर्मा से जुड़ा है। शुक्रवार सुबह गंगा बैराज के गेट नंबर 28 के पास उनकी चप्पलें मिलीं। चप्पलें मिलने के बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की।

CCTV में अकेले टहलते नजर आए जितेंद्र

पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो घटना से जुड़ा अहम सुराग सामने आया। फुटेज में जितेंद्र कुमार शर्मा गंगा किनारे रेलिंग के आसपास अकेले टहलते दिखाई दे रहे हैं। वह कुछ समय तक घाट के आसपास मौजूद रहे। इसके बाद वह रेलिंग के पास पहुंचे और उस पर चढ़ गए। देखते ही देखते उन्होंने गंगा नदी में छलांग लगा दी। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

छलांग के बाद शुरू हुआ तलाश अभियान

सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने गंगा नदी में तत्काल तलाश अभियान शुरू कराया। स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारा गया। इसके साथ ही एसडीआरएफ की टीम ने भी सर्च ऑपरेशन संभाल लिया। नदी में अलग-अलग स्थानों पर जितेंद्र की तलाश की जा रही है। हालांकि, अभी तक उनका पता नहीं चल सका है।

घर से मिला सुसाइड नोट, बीमारी से परेशान होने का जिक्र

पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र कुमार शर्मा के घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में बीमारी से परेशान होने की बात लिखे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस सुसाइड नोट की जांच कर रही है और उसमें लिखी बातों से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र बीमारी को लेकर परेशान चल रहे थे। हालांकि, पुलिस अभी घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जितेंद्र घर से निकलने के बाद किस रास्ते से गंगा बैराज पहुंचे और घटना से पहले वह किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे।

गंगा का तेज बहाव बना बड़ी चुनौती

जितेंद्र की तलाश में जुटी पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमों के सामने गंगा का तेज बहाव और नदी की गहराई चुनौती बनी हुई है। नदी में लगातार अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की जा रही है। बचाव दल उपलब्ध संसाधनों के साथ जितेंद्र का पता लगाने का प्रयास कर रहा है।

चप्पल से लेकर CCTV और सुसाइड नोट तक, हर पहलू की जांच

पुलिस इस मामले में मौके से मिली चप्पलों, सीसीटीवी फुटेज और घर से मिले सुसाइड नोट समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल कर रही है। सीसीटीवी फुटेज से घटना से पहले जितेंद्र की गतिविधियों की जानकारी सामने आई है। वहीं, सुसाइड नोट में बीमारी से परेशान होने के कथित उल्लेख की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जितेंद्र घर से कब निकले, गंगा बैराज तक कैसे पहुंचे और वहां पहुंचने से पहले उनकी गतिविधियां क्या थीं। घटना से जुड़े सभी पहलुओं को जोड़कर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

परिवार की बढ़ी चिंता, नदी में लगातार तलाश

जितेंद्र के गंगा में छलांग लगाने के बाद से परिवार की चिंता बढ़ गई है। नदी के तेज बहाव के कारण तलाश अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। इसके बावजूद पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगातार नदी में खोजबीन कर रहे हैं। रेस्क्यू टीमें नदी के अलग-अलग हिस्सों को कवर कर जितेंद्र की तलाश में जुटी हैं।

अभी तक नहीं मिला कोई सुराग

फिलहाल जितेंद्र कुमार शर्मा का कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस और बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मौके से मिली चप्पलों और सुसाइड नोट समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है। बीमारी को लेकर उनकी कथित परेशानी भी जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल है।