
DM कुंदन कुमार
पटना। जिले में विभिन्न नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षित निकासी तथा बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में जरूरत के मुताबिक संसाधन और मानवबल तैनात किए गए हैं और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं।
18 राहत शिविरों में भोजन और जरूरी सुविधाएं
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 18 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। इन शिविरों में सामुदायिक रसोई के जरिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ अंचल में मध्य विद्यालय कचहरी, बाढ़; दानापुर में बलदेवा हाई स्कूल; पाटलिपुत्र अंचल में मीनार घाट और बिंद टोली; अथमलगोला में उच्च विद्यालय सबनिमा; बख्तियारपुर में मध्य विद्यालय घोसबरी और सिंचाई भवन; जबकि मोकामा में प्रखंड परिसर शिवनार, पंचायत राज कार्यालय नया कसहा, बिसहरी स्थान शिवनगर, भोला स्थान पुरानी कसहा, किसान भवन डुमरा जंजीरा, सामुदायिक भवन सीतारामपुर और विजयगढ़ में राहत व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा मनेर में मध्य विद्यालय महीनामा और रामनगीना कॉलेज तथा संपतचक क्षेत्र में कूरा बंगलापर स्थित सामुदायिक रसोई केंद्र के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
147 नावों से मुफ्त आवागमन
जलभराव और निचले इलाकों में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी के साथ आवागमन के लिए प्रशासन ने 147 नावें निःशुल्क चलाई हैं। इनमें अथमलगोला में 7, बख्तियारपुर में 18, बाढ़ में 8, दानापुर में 25, मनेर में 22, पाटलिपुत्र में 19, पुनपुन में 1, फतुहा में 23, दीदारगंज में 18 और मोकामा में 6 नावें शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त SDRF की 14 बोट भी प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद और बचाव कार्य में लगाई गई हैं।
पशुओं के लिए 12 शिविर
प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित पशुओं की देखभाल के लिए भी अलग व्यवस्था की है। फुलवारी शरीफ, मनेर, बख्तियारपुर, पाटलिपुत्र, बाढ़, दानापुर और फतुहा समेत प्रभावित इलाकों में कुल 12 पशु शिविर संचालित किए जा रहे हैं। यहां पशु चारा, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
18 मेडिकल कैंप, 28 एंबुलेंस तैनात
बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए राहत शिविरों के आसपास 18 मेडिकल कैंप और 28 एंबुलेंस तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों, बच्चों और बीमार लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
पेयजल और स्वच्छता पर भी जोर
राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए PHED के पानी के टैंकर पर्याप्त संख्या में लगाए गए हैं। नगर निगम की ओर से सामुदायिक केंद्रों और राहत शिविरों में शौचालय, सफाई और स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
तटबंधों पर नजर, ओवरफ्लो और सीपेज रोकने का काम
बढ़ते जलस्तर के कारण जहां तटबंधों पर पानी के ओवरफ्लो की स्थिति बनी है, वहां सैंड बैग और अन्य फ्लड फाइटिंग सामग्री से तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है। सीपेज वाले स्थानों पर भी तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई कर पानी के रिसाव को नियंत्रित किया जा रहा है।
पटना शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश न करे, इसके लिए भी आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन, संबंधित विभागों के अधिकारी और अभियंता प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और जरूरत के अनुसार तत्काल बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।
मसौढ़ी में तटबंधों की मरम्मत
मसौढ़ी प्रखंड के ईसरचक और विश्वम्भरपुर में क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। वहीं चांदचक, चमड़चकिया और पौमा में तटबंधों को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन के अनुसार इन कार्यों को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। सभी तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार सुदृढ़ीकरण एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य तत्काल कराए जा रहे हैं।
डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिस क्षेत्र में जिस प्रकार के सुरक्षात्मक कार्य की जरूरत हो, उसे तत्परता और आपसी समन्वय के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक जरूरी सहायता पहुंचाने को सुनिश्चित करने को कहा है।
डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से नदी, घाट, तटबंध और निचले या जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। प्रशासन ने बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को विशेष रूप से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने को कहा है।
लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल अधिकृत स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। किसी भी आवश्यकता या आपात स्थिति में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सूचना देने को कहा गया है।
24 घंटे सक्रिय है आपदा नियंत्रण केंद्र
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला आपदा नियंत्रण एवं आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे काम कर रहा है। किसी आपात स्थिति, सहायता या आवश्यक सूचना के लिए नागरिक 0612-2210118, 0612-2219234 तथा मोबाइल नंबर 8235449748 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क और सजग रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और सहायता के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गई हैं।
