पटना। बिहार की राजधानी पटना में दिवाली की शाम एक बड़े गोदाम में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पटना सिटी के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीपुर पैजावा स्थित स्टील और इलेक्ट्रिक उपकरणों के गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम के भीतर रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें उठती देख आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। कई दमकल गाड़ियों की मदद से घंटों तक अभियान चलाकर आग पर काबू पाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर नष्ट होने का अनुमान है।
दिवाली की शाम अचानक धधक उठा गोदाम
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम रानीपुर पैजावा स्थित आयरन और इलेक्ट्रिक उपकरणों के गोदाम के अंदर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। शुरुआत में लोगों ने आग को सीमित स्तर पर बुझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही समय में आग तेजी से फैलने लगी। गोदाम में बड़ी मात्रा में सामान रखा होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
गोदाम के कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तथा अग्निशमन विभाग को सूचना दी। आग की भयावहता को देखते हुए तत्काल दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। इस दौरान आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलने का अनुमान
इस अग्निकांड में गोदाम के अंदर रखे स्टील और इलेक्ट्रिक सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, आग की वजह से 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन अभी नहीं किया गया है। अधिकारियों की ओर से बाद में गोदाम में हुए कुल नुकसान का आकलन किया जाएगा।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसे नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में दमकल गाड़ियों को लगाना पड़ा। अग्निशमन विभाग की टीमों ने अलग-अलग दिशाओं से पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने और उस पर काबू पाने का प्रयास किया।
एक दर्जन दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इनमें छह बड़ी और दो छोटी दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने का अभियान चलाया गया। दमकलकर्मियों को आग की भयावहता के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ी। घंटों तक चले प्रयास के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका।
घटनास्थल पर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों की मौजूदगी में राहत एवं बचाव का काम जारी रहा। आग को आसपास के क्षेत्रों और अन्य सामान तक फैलने से रोकने के लिए भी प्रयास किए गए। काफी देर तक चले अभियान के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
गोदाम से एलपीजी सिलेंडर बाहर निकालकर टाला बड़ा खतरा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोदाम के अंदर आग लगने के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने पहले अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन आग तेजी से फैलने लगी तो लोगों ने गोदाम में रखे सामान को बाहर निकालना शुरू कर दिया।
इस दौरान गोदाम के रसोईघर में रखा एलपीजी सिलेंडर भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग के बीच सिलेंडर को बाहर निकालना महत्वपूर्ण कदम रहा, क्योंकि आग की चपेट में आने से स्थिति और गंभीर हो सकती थी। स्थानीय लोगों की तत्परता से सिलेंडर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, जांच जारी
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से गोदाम में आग लगी होगी। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग किस वजह से लगी और इतनी तेजी से पूरे गोदाम में कैसे फैल गई।
आग की घटना ने बढ़ाई सुरक्षा को लेकर चिंता
दिवाली की शाम पटना सिटी के रानीपुर पैजावा में हुई इस घटना ने औद्योगिक और व्यावसायिक गोदामों में अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्टील और इलेक्ट्रिक सामान के गोदाम में लगी आग ने कुछ ही समय में बड़े नुकसान का रूप ले लिया। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की ओर से सामान तथा एलपीजी सिलेंडर को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया, वहीं अग्निशमन विभाग की टीमों ने लंबे अभियान के बाद आग पर नियंत्रण पाया।
फिलहाल इस घटना में 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है। आग लगने के कारण और वास्तविक आर्थिक क्षति का पता जांच तथा आकलन पूरा होने के बाद ही चल सकेगा।
