ere | Source: ereदीपावली का त्योहार रोशनी, खुशियों और उत्सव का प्रतीक है। इस मौके पर लोग घरों को रंग-बिरंगी बिजली की झालरों, एलईडी लाइट, दीयों और मोमबत्तियों से सजाते हैं। पटाखों और आतिशबाजी के कारण भी वातावरण उत्सवमय हो जाता है। लेकिन त्योहार की इस रौनक के बीच आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। पटाखों से निकलने वाली एक छोटी-सी चिंगारी पर्दों, बालकनी में रखे सामान या सजावट में इस्तेमाल की गई ज्वलनशील वस्तुओं को आग की चपेट में ले सकती है। वहीं, खराब बिजली की वायरिंग, ढीले कनेक्शन और एक ही सॉकेट पर कई उपकरण लगाने से भी आग लगने की आशंका रहती है।

दिवाली से पहले ही कई जगहों पर आग लगने की घटनाओं की खबरें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में केवल सावधानी बरतना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि घर में जरूरी अग्नि सुरक्षा उपकरण रखना भी समझदारी है। बाजार में अब ऐसे कई उपकरण उपलब्ध हैं, जो धुआं या असामान्य तापमान पहचानकर चेतावनी दे सकते हैं। कुछ उपकरण शुरुआती स्तर पर लगी आग को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे सात उपयोगी गैजेट्स के बारे में, जिन्हें घर में रखने से आपातकालीन स्थिति में मदद मिल सकती है।

1. स्मोक डिटेक्टर: धुआं फैलते ही बज उठेगा अलार्म

घर की अग्नि सुरक्षा के लिए स्मोक डिटेक्टर बेहद उपयोगी उपकरण है। यह हवा में मौजूद धुएं के कणों का पता लगाकर अलार्म बजाता है। यदि रात में किसी कमरे, बिजली के बोर्ड या पर्दे के आसपास आग लगने की शुरुआत होती है, तो धुआं फैलने पर यह उपकरण घर में मौजूद लोगों को समय रहते सतर्क कर सकता है। इससे आग के बड़े रूप लेने से पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अवसर मिल सकता है।

आजकल बाजार में सामान्य बैटरी से चलने वाले स्मोक डिटेक्टर के साथ स्मार्ट स्मोक डिटेक्टर भी उपलब्ध हैं। स्मार्ट उपकरणों को वाई-फाई से जोड़ने पर कुछ मॉडल मोबाइल ऐप के माध्यम से भी अलर्ट भेज सकते हैं। इस तरह घर में मौजूद न होने पर भी आग लगने की आशंका की सूचना मिल सकती है।

कहां लगाएं: इसे घर की प्रत्येक मंजिल पर, सोने वाले कमरों के बाहर और बेडरूम के अंदर लगाना उपयोगी है। रसोई के बिल्कुल पास लगाने से खाना पकाने के धुएं के कारण गलत अलर्ट मिल सकते हैं। उपकरण लगाने से पहले निर्माता के निर्देशों में बताई गई जगह और दूरी का ध्यान रखें।

खरीदते समय ध्यान दें: ऐसा मॉडल चुनें जिसमें तेज आवाज वाला अलार्म, बैटरी बैकअप और बैटरी कम होने पर चेतावनी देने की सुविधा हो। स्मार्ट मॉडल में इंटरनेट बंद होने पर भी स्थानीय अलार्म बजने की व्यवस्था होनी चाहिए।

2. फायर एक्सटिंग्विशर: शुरुआती आग को बुझाने में मददगार

फायर एक्सटिंग्विशर यानी आग बुझाने वाला उपकरण घर में रखना बेहद उपयोगी हो सकता है। यह एक पोर्टेबल उपकरण होता है, जिसमें आग बुझाने के लिए विशेष पदार्थ भरा रहता है। यदि घर में शुरुआती स्तर पर आग लगती है और बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता उपलब्ध है, तभी इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

घरेलू इस्तेमाल के लिए एबीसी ड्राई केमिकल पाउडर वाला फायर एक्सटिंग्विशर एक उपयोगी विकल्प हो सकता है। इसे लकड़ी, कागज, कपड़े और प्लास्टिक जैसी वस्तुओं में लगी आग के साथ-साथ ज्वलनशील तरल पदार्थों और गैस से जुड़ी कुछ श्रेणियों की आग बुझाने के लिए तैयार किया जाता है। हालांकि, हर प्रकार की आग के लिए एक ही एक्सटिंग्विशर उपयुक्त नहीं होता।

खाना पकाने के तेल या घी में लगी आग के लिए वेट केमिकल एक्सटिंग्विशर की जरूरत हो सकती है। इसी तरह बिजली के उपकरणों में लगी आग के लिए ऐसा उपकरण इस्तेमाल करना चाहिए, जिस पर संबंधित विद्युत आग के लिए उपयुक्त होने की जानकारी दी गई हो।

खरीदते समय ध्यान दें: भारत में पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर के लिए बीआईएस का आईएस 15683 मानक महत्वपूर्ण है। खरीदते समय आईएसआई मार्क, आग की श्रेणी, क्षमता, निर्माण की तारीख और सर्विस से जुड़ी जानकारी जरूर जांचें।

3. फायर ब्लैंकेट: रसोई में लगी छोटी आग के लिए उपयोगी

फायर ब्लैंकेट एक विशेष अग्निरोधी कंबल होता है। इसका इस्तेमाल छोटी आग को ढककर ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकने के लिए किया जाता है। यह खासतौर पर रसोई में खाना पकाने के दौरान होने वाली छोटी आग के मामले में उपयोगी हो सकता है।

उदाहरण के लिए, यदि गर्म तेल के कारण किसी बर्तन में आग लग जाती है, तो सही तरीके से इस्तेमाल किया गया फायर ब्लैंकेट आग को पूरी तरह ढकने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब आग छोटी हो और ऐसा करना सुरक्षित हो।

कहां रखें: इसे रसोई में ऐसी जगह लगाएं, जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से पहुंचा जा सके। गैस चूल्हे के ठीक ऊपर या ऐसी जगह इसे न रखें, जहां आग लगने की स्थिति में इसे निकालना मुश्किल हो जाए।

खरीदते समय ध्यान दें: अच्छी गुणवत्ता वाला अग्निरोधी कंबल खरीदें और उसकी सामग्री तथा इस्तेमाल की सीमाओं से संबंधित निर्माता के निर्देश पढ़ें। ध्यान रखें कि फायर ब्लैंकेट बड़े स्तर पर फैल चुकी आग को बुझाने के लिए नहीं है। जलते हुए तेल पर पानी डालना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे आग और फैल सकती है।

4. हीट डिटेक्टर: तापमान बढ़ते ही मिलेगी चेतावनी

स्मोक डिटेक्टर हवा में धुएं की मौजूदगी पहचानता है, जबकि हीट डिटेक्टर तापमान में असामान्य बढ़ोतरी का पता लगाता है। यह उन जगहों पर उपयोगी हो सकता है, जहां सामान्य स्मोक डिटेक्टर लगाने से बार-बार गलत अलर्ट मिलने की आशंका रहती है।

रसोई, गैरेज और कुछ तकनीकी कमरों में हीट डिटेक्टर लगाया जा सकता है। यदि किसी स्थान का तापमान निर्धारित सीमा से अधिक बढ़ता है, तो यह अलार्म सिस्टम को सक्रिय कर सकता है। बाजार में ऐसे आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध हैं, जिनमें धुएं और तापमान दोनों की निगरानी करने वाले सेंसर होते हैं। इन्हें घर के अग्नि चेतावनी तंत्र से जोड़ा जा सकता है।

खरीदते समय ध्यान दें: ऐसा मॉडल चुनें, जिसमें तापमान की निर्धारित सीमा और अलार्म से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से दी गई हो। हीट डिटेक्टर को स्मोक डिटेक्टर का विकल्प नहीं समझना चाहिए, क्योंकि दोनों की भूमिका अलग-अलग है।

5. स्मार्ट प्लग और ओवरलोड प्रोटेक्शन: बिजली से आग का खतरा घटाएं

दीपावली के दौरान घरों में बिजली की झालरें, एलईडी लाइट और सजावटी उपकरण बड़ी संख्या में लगाए जाते हैं। कई बार इन सभी उपकरणों को एक ही सॉकेट या एक्सटेंशन बोर्ड से जोड़ दिया जाता है। इससे बिजली का भार बढ़ सकता है और उपकरण गर्म होने का खतरा पैदा हो सकता है।

ऐसी स्थिति में ओवरलोड सुरक्षा वाले अच्छे गुणवत्ता के एक्सटेंशन बोर्ड और स्मार्ट प्लग उपयोगी हो सकते हैं। स्मार्ट प्लग की मदद से मोबाइल ऐप के जरिए उससे जुड़े उपकरण को बंद किया जा सकता है। कुछ मॉडलों में टाइमर और बिजली की खपत देखने की सुविधा भी मिलती है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि स्मार्ट प्लग आग बुझाने वाला उपकरण नहीं है। इसका काम बिजली से जुड़े उपकरणों को नियंत्रित करना और अनावश्यक रूप से चालू रहने से बचाना है।

खरीदते समय ध्यान दें: स्मार्ट प्लग की अधिकतम बिजली क्षमता जरूर जांचें। जिस उपकरण को इससे जोड़ना है, उसके बिजली भार के अनुसार ही प्लग खरीदें। ओवरलोड सुरक्षा और उपयुक्त सुरक्षा प्रमाणन वाले उत्पादों को प्राथमिकता दें। एक एक्सटेंशन बोर्ड को दूसरे एक्सटेंशन बोर्ड से जोड़ने से बचें।

6. एमसीबी और आरसीसीबी: शॉर्ट सर्किट और करंट से सुरक्षा

घर में बिजली से जुड़े हादसों को रोकने के लिए एमसीबी और आरसीसीबी जैसे सुरक्षा उपकरण महत्वपूर्ण हैं। एमसीबी यानी मिनिएचर सर्किट ब्रेकर ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली की आपूर्ति बंद कर देता है। इससे वायरिंग और बिजली के उपकरणों को नुकसान पहुंचने तथा आग लगने का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।

वहीं, आरसीसीबी यानी रेसिडुअल करंट सर्किट ब्रेकर बिजली के रिसाव का पता लगाकर संबंधित सर्किट को बंद कर सकता है। इससे बिजली का झटका लगने का खतरा कम करने में सहायता मिलती है। दीपावली पर जब घर में कई बिजली के उपकरण और सजावटी लाइटें एक साथ इस्तेमाल होती हैं, तब इन सुरक्षा उपकरणों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।

क्या करें: किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से घर की वायरिंग, एमसीबी और आरसीसीबी की जांच करवाएं। पुराने या खराब सॉकेट, ढीले बिजली कनेक्शन और गर्म होने वाले स्विच को नजरअंदाज न करें। बिजली के पैनल में किसी तरह का बदलाव खुद करने के बजाय विशेषज्ञ की मदद लें।

7. इमरजेंसी लाइट और फायर एस्केप टूल्स: सुरक्षित बाहर निकलने में मदद

आग लगने की स्थिति में बिजली की आपूर्ति बंद हो सकती है और घर में अचानक अंधेरा छा सकता है। ऐसे समय में इमरजेंसी लाइट या रिचार्जेबल टॉर्च सुरक्षित रास्ता खोजने में मदद कर सकती है। कुछ इमरजेंसी लाइट बिजली जाने पर अपने आप चालू हो जाती हैं। इन्हें सीढ़ियों, गलियारों और घर से बाहर निकलने वाले रास्तों के आसपास लगाया जा सकता है।

बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों को पहले से पता होना चाहिए कि आग लगने पर किस रास्ते से बाहर निकलना है। अपार्टमेंट में बने फायर एग्जिट और आपातकालीन सीढ़ियों की जानकारी रखना जरूरी है। बिना उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा व्यवस्था के ऊंचाई से उतरने वाले किसी उपकरण या सीढ़ी का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।

क्या करें: परिवार के सभी सदस्यों को बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता बताएं। अपार्टमेंट में फायर एग्जिट और सीढ़ियों की जानकारी रखें। आग लगने पर लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।

इन 5 जरूरी चीजों को भी घर में रखें

अग्नि सुरक्षा के लिए केवल महंगे गैजेट्स खरीदना पर्याप्त नहीं है। कुछ सामान्य चीजें भी आपातकालीन स्थिति में उपयोगी हो सकती हैं। दीपावली के दौरान घर में इनकी व्यवस्था रखना फायदेमंद है।

1. पानी की बाल्टी: पटाखे जलाने के दौरान पानी की बाल्टी तैयार रखें। इस्तेमाल किए जा चुके पटाखों को सुरक्षित तरीके से निपटाने से पहले पानी में भिगोना चाहिए।

2. रेत की बाल्टी: पटाखों से निकली चिंगारी या छोटी आग के कुछ मामलों में रेत उपयोगी हो सकती है। हालांकि, बिजली और ज्वलनशील तेल की आग पर पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

3. प्राथमिक उपचार पेटी: इसमें साफ गॉज, नॉन-स्टिक ड्रेसिंग और प्राथमिक उपचार से जुड़ी जरूरी सामग्री रखें, ताकि छोटी चोट लगने पर शुरुआती मदद मिल सके।

4. सूती कपड़ा: आपातकालीन स्थिति में शरीर को ढकने के लिए उपयुक्त कपड़ा उपयोगी हो सकता है। आग के आसपास सिंथेटिक और ढीले कपड़े पहनने से बचना चाहिए।

5. टॉर्च: बिजली जाने या घर में अंधेरा होने की स्थिति में सुरक्षित रास्ता देखने के लिए टॉर्च काम आ सकती है।

घर में आग लग जाए तो तुरंत उठाएं ये कदम

यदि पटाखे की चिंगारी या किसी अन्य कारण से घर में आग लग जाती है, तो सबसे पहले परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। आग छोटी होने और सुरक्षित निकास उपलब्ध होने पर ही उसे बुझाने का प्रयास करें। यदि आग तेजी से फैल रही हो, तो उसे बुझाने में समय गंवाने के बजाय तुरंत बाहर निकलें।

  • बिजली के उपकरणों में लगी आग पर पानी न डालें।
  • घर से बाहर निकलते समय लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • धुआं फैलने पर नीचे झुककर या जमीन के करीब रहते हुए बाहर निकलें।
  • बाहर निकलने के बाद दोबारा घर के अंदर जाने की कोशिश न करें।
  • परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं।
  • आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर कॉल करें। अग्निशमन सहायता के लिए 101 नंबर भी उपलब्ध है।

सावधानी और तैयारी से टल सकता है बड़ा हादसा

दीपावली खुशियों और रोशनी का पर्व है, लेकिन पटाखों, दीयों, मोमबत्तियों और बिजली की सजावट के बीच सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। स्मोक डिटेक्टर, फायर एक्सटिंग्विशर, फायर ब्लैंकेट, हीट डिटेक्टर, स्मार्ट प्लग, एमसीबी-आरसीसीबी और इमरजेंसी लाइट जैसे उपकरण आपातकालीन स्थिति में उपयोगी साबित हो सकते हैं। इनके साथ घर की बिजली व्यवस्था की जांच, सुरक्षित निकास की जानकारी और परिवार के सदस्यों को जरूरी सावधानियों के बारे में बताना भी महत्वपूर्ण है। थोड़ी तैयारी और सतर्कता से दीपावली के उत्सव को सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।