मुंबई। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्म होने लगा है। इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम समुदाय केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा, बल्कि चुनाव जीतकर सांसद और विधायक भी बनेगा। वारिस पठान ने यहां तक दावा किया कि एक दिन अब्दुल उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री और भारत का प्रधानमंत्री भी बन सकता है। मिशिगन में अब्दुल अल-सैयद की चुनावी सफलता का उदाहरण देते हुए उन्होंने मुस्लिम युवाओं से राजनीति में आगे आने और नेतृत्व की भूमिका निभाने की अपील की।
मुस्लिम समुदाय अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा: वारिस पठान
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए गए एक साक्षात्कार में वारिस पठान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को राजनीति में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को केवल चुनाव के दौरान मतदान करने तक अपनी भूमिका सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि खुद चुनाव लड़कर सांसद और विधायक बनने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मुस्लिम जनप्रतिनिधियों को अपने समुदाय के साथ-साथ गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीति में भागीदारी का उद्देश्य केवल किसी एक समुदाय का प्रतिनिधित्व करना नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाना भी होना चाहिए।
'अब्दुल यूपी का मुख्यमंत्री और भारत का प्रधानमंत्री भी बनेगा'
वारिस पठान ने मिशिगन में अब्दुल अल-सैयद की चुनावी सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मुस्लिम समुदाय के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब अब्दुल चुनाव जीतकर महत्वपूर्ण राजनीतिक पद तक पहुंच सकता है, तो भारत में भी मुस्लिम समुदाय के लोग बड़े राजनीतिक पदों पर अपनी जगह बना सकते हैं।
उन्होंने कहा, "अब्दुल जीत गया है। वह विधानसभा जाएगा। वह मुसलमानों और गरीबों की आवाज बनेगा। वह न्याय के लिए लड़ेगा। एक दिन अब्दुल भारत का प्रधानमंत्री भी बनेगा। मेरी बात याद रखना। वह यूपी का मुख्यमंत्री भी बन सकता है। पहले हमने कहा था कि वह मेयर भी बन सकता है। आज कई कॉरपोरेट लीडर हैं, तो एक दिन अब्दुल भी यूपी का मुख्यमंत्री बनेगा।"
उनके इस बयान में मुस्लिम समुदाय को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने और नेतृत्व की भूमिका में आगे लाने का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके पारंपरिक व्यवसाय से नहीं, बल्कि उसकी योग्यता, मेहनत और उपलब्धियों से होनी चाहिए।
'अब अब्दुल जमीन पर नहीं बैठेगा', पंचर बनाने वाले तंज पर दिया जवाब
वारिस पठान ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को लेकर की जाने वाली कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अब्दुल नाम का इस्तेमाल कई बार ताने के रूप में किया जाता है और मुस्लिम समुदाय के पारंपरिक व्यवसायों को लेकर मजाक उड़ाया जाता है।
उन्होंने कहा, "मिशिगन में अब्दुल सीनेटर बन गया है। उन्होंने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। बीजेपी के लोग अब्दुल नाम का इस्तेमाल एक ताने के तौर पर कर रहे हैं। वे अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं कि अब्दुल तो पंचर बनाता है। उन्हें करारा जवाब मिल रहा है। अब अब्दुल जमीन पर नहीं बैठेगा, बल्कि वह आगे बढ़कर हिस्सा लेगा। अब्दुल जीतेगा और विधानसभा जाएगा।"
वारिस पठान ने अपने बयान के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को सामाजिक और राजनीतिक जीवन में बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। उनका कहना था कि समुदाय के लोगों को नेतृत्व संभालने और चुनाव जीतकर अपनी अलग राजनीतिक पहचान स्थापित करने के लिए आगे आना चाहिए।
ओवैसी भी बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर साध चुके हैं निशाना
इससे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी मिशिगन में अब्दुल की सफलता को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था। एएनआई से बातचीत में ओवैसी ने कहा था कि मिशिगन में अब्दुल की जीत पर उनकी टिप्पणी को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
ओवैसी ने कहा, "मिशिगन में अब्दुल जीत गया। क्या इस पर मेरे कुछ कहने से कोई मुद्दा नहीं बन गया? BJP के लोग मजाक उड़ाते हुए कहते थे कि अब्दुल पंचर बनाता है। सपा के लोग कहते थे, 'अब्दुल दरी बिछाएगा'।"
ओवैसी के इस बयान में भी मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और चुनावी भूमिका का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था। उन्होंने बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर मुस्लिमों को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया था।
'बीजेपी ने देश को बर्बाद किया', वारिस पठान ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
वारिस पठान ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देश की स्थिति खराब हुई है और मुस्लिम समुदाय को धार्मिक गतिविधियों तथा जीवनशैली से जुड़े कई मुद्दों पर भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, "पिछले 12 सालों में जब से BJP सरकार सत्ता में आई है, उन्होंने देश को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। आज BJP सरकार ने मुसलमानों के खिलाफ खुली जंग छेड़ दी है। वे हमारी इबादत, हिजाब, खान-पान, मस्जिदों, मदरसों और मुसलमानों की मॉब लिंचिंग से नफरत करते हैं।"
वारिस पठान ने अपने बयान में मुस्लिमों की धार्मिक स्वतंत्रता, पहनावे, खान-पान, मस्जिदों और मदरसों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है। ये आरोप उनके राजनीतिक साक्षात्कार का हिस्सा हैं।
कांग्रेस और सपा पर भी हमला, मुस्लिमों को वोट के लिए इस्तेमाल करने का आरोप
AIMIM नेता ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल चुनाव के समय मुस्लिम समुदाय से समर्थन मांगते हैं, लेकिन उसकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति में सुधार के लिए पर्याप्त काम नहीं करते।
वारिस पठान ने कहा, "दोनों पार्टियों ने मुसलमानों का इस्तेमाल सिर्फ वोट पाने के लिए किया है। इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं किया है।"
उनका आरोप है कि चुनावी राजनीति में मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन तो मांगा जाता है, लेकिन उन्हें राजनीतिक नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पर्याप्त भागीदारी नहीं दी जाती। इस तरह उन्होंने बीजेपी के साथ-साथ विपक्षी दलों को भी मुस्लिम प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा किया।
मोहन भागवत और बीजेपी सांसद के बयानों पर भी उठाए सवाल
वारिस पठान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और एक बीजेपी सांसद की ओर से बच्चों की संख्या को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता मुस्लिम समुदाय के बारे में गलत जानकारी और नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कुछ नेताओं की ओर से तीन-चार या चार-पांच बच्चे पैदा करने जैसी टिप्पणियां की जाती हैं, तब उन पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते। वारिस पठान ने कहा, "आप उन्हें क्यों नहीं रोकते? वे झूठ फैला रहे हैं, नफरत फैला रहे हैं। वे बस मुसलमानों को बदनाम करना चाहते हैं। लोग अब समझदार हो गए हैं, इसलिए बकवास करना बंद करें।"
इस बयान के जरिए उन्होंने मुस्लिम समुदाय को लेकर होने वाली राजनीतिक टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए संबंधित नेताओं से जवाबदेही की मांग की।
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम राजनीति और प्रतिनिधित्व पर नई बहस
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वारिस पठान का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से केवल मतदाता बनकर नहीं रहने, बल्कि चुनाव लड़कर जनप्रतिनिधि बनने और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की है।
मिशिगन में अब्दुल अल-सैयद की चुनावी सफलता का उदाहरण देकर उन्होंने मुस्लिम युवाओं के सामने राजनीतिक नेतृत्व का लक्ष्य रखा। इसके साथ ही बीजेपी पर धार्मिक भेदभाव के आरोप लगाए और कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी को भी मुस्लिमों के वोटों का इस्तेमाल करने के मुद्दे पर घेरा। कुल मिलाकर, वारिस पठान के बयान ने उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति से पहले मुस्लिम प्रतिनिधित्व, सामाजिक सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
