नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर अपने बयान से राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि गिरफ्तारी हो या हमला, उनका तिरंगा अभियान नहीं रुकेगा। दीपके ने ऐलान किया कि वह देशभर में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा जारी रखेंगे और जहां भी जाएंगे, तिरंगा उनके साथ रहेगा। शनिवार, 7 नवंबर 2026 को केरल के कोच्चि में आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में लोगों के खान-पान, निजी संबंधों और मतदान के अधिकारों को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
गिरफ्तारी और हमले के बावजूद जारी रहेगी तिरंगा यात्रा
अभिजीत दीपके ने कहा कि किसी भी तरह की कार्रवाई उन्हें अपने अभियान से पीछे हटने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। वह देश के अलग-अलग राज्यों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर जाएंगे और तिरंगा यात्रा जारी रखेंगे। उन्होंने सरकार पर नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। दीपके के मुताबिक, लोगों को अपने खान-पान, निजी संबंधों और मतदान के अधिकारों के मामले में स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी या हमले जैसी परिस्थितियां भी उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी।
जंतर-मंतर पर गिरफ्तारी का जिक्र कर उठाए सवाल
अपने संबोधन में दीपके ने जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रवेश करने के मामले में हुई गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए उन्हें, सौरव और आशुतोष को जेल भेज दिया गया था। इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह की घटना आखिरी बार अंग्रेजों के शासन के दौरान हुई थी। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और साथियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलने और उसे फहराने के उनके अभियान को रोका नहीं जा सकता।
दिल्ली से महाराष्ट्र और केरल तक गिरफ्तारी की चुनौती
अभिजीत दीपके ने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें गिरफ्तार करना है तो दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल या तमिलनाडु में गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि गिरफ्तारी के बाद भी वह वापस लौटेंगे और तिरंगा फहराएंगे। उन्होंने कहा कि वह जहां भी जाएंगे, राष्ट्रीय ध्वज लेकर जाएंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी पार्टी चुनावी प्रक्रिया और मतदान के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध अभियान चला रही है। दीपके ने दोहराया कि किसी भी दबाव के आगे वह अपने अभियान को रोकने वाले नहीं हैं।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना
कोच्चि में आयोजित विरोध सभा में अभिजीत दीपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर का इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। दीपके ने कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। जब तक चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों का भरोसा कायम नहीं होता, तब तक उनकी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावों में केवल एक राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से धांधली की जा रही है। उनके अनुसार, इस तरह की अनियमितताओं के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं।
प्रकाश राज के नेतृत्व में 500 कार्यकर्ताओं ने निकाला विरोध मार्च
कोच्चि में आयोजित विरोध कार्यक्रम में कॉकरोच जनता पार्टी के लगभग 500 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। अभिनेता प्रकाश राज के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च में शामिल लोगों ने संकल्प लिया कि जब तक देश में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित नहीं होते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। विरोध सभा में अभिजीत दीपके ने भी चुनावी पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी।
गांधी, आंबेडकर और नेहरू से प्रधानमंत्री मोदी की तुलना पर दिया बयान
अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन तीनों नेताओं का भारतीय राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक महत्व है। दीपके ने महात्मा गांधी को भारत की आत्मा, डॉ. आंबेडकर को देश की रीढ़ और जवाहरलाल नेहरू को मस्तिष्क बताया। उन्होंने कहा कि भारत की स्थापना इन तीनों नेताओं के आदर्शों पर हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मोदी 120 साल तक सत्ता में बने रहें, तब भी गांधी, आंबेडकर और नेहरू से बड़े नहीं हो सकते। उनके इस बयान ने कोच्चि की विरोध सभा में राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।
चुनावी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प
कोच्चि में आयोजित विरोध सभा के दौरान अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी एसआईआर प्रक्रिया, मतदान के अधिकारों और चुनावी निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों पर अपना अभियान जारी रखेगी। उन्होंने गिरफ्तारी और हमले की आशंका के बावजूद तिरंगा यात्रा जारी रखने की घोषणा की। वहीं, अभिनेता प्रकाश राज के नेतृत्व में लगभग 500 कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने विरोध मार्च को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। दीपके के बयानों से स्पष्ट है कि वह अपने अभियान के जरिए चुनावी पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों के मुद्दे को लगातार उठाना चाहते हैं। अब इस अभियान की अगली गतिविधियों और चुनाव आयोग को लेकर जारी विरोध पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
