erer | Source: ereवेलिंगटन। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने पांच मैचों की एकदिवसीय सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। शनिवार, 7 नवंबर 2026 को वेलिंगटन में खेले गए बारिश से प्रभावित मुकाबले में भारत ने डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (डीएलएस) नियम के आधार पर चार रन से जीत दर्ज की। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड की पूरी टीम को 134 रन पर समेट दिया था। इसके बाद भारत को जीत के लिए 47 ओवर में 135 रन का लक्ष्य मिला। देखने में यह लक्ष्य बेहद आसान लग रहा था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की लगातार गिरती विकेटों ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। एक समय ऐसा आया जब छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भी भारतीय टीम मुश्किल में फंस गई। आखिरकार बारिश ने मैच का रुख बदल दिया और भारत डीएलएस नियम के आधार पर विजेता घोषित हुआ।

135 रन का लक्ष्य भी नहीं रहा आसान, लगातार गिरते विकेटों ने बढ़ाई कप्तान की चिंता

भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत के लिए केवल 135 रन बनाने थे। शानदार गेंदबाजी के बाद उम्मीद थी कि भारतीय बल्लेबाज आसानी से लक्ष्य हासिल कर लेंगे, लेकिन पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। भारतीय पारी की शुरुआत से ही विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। टीम ने महज 47 रन के स्कोर तक अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।

कप्तान शुभमन गिल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। विराट कोहली भी केवल सात रन बना सके। अक्षर पटेल सात रन और नमन धीर 12 रन बनाकर आउट हुए। शुरुआती झटकों के कारण भारतीय टीम दबाव में आ गई। ऐसे समय में रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे।

भारत ने 26 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 113 रन बना लिए थे। तभी बारिश शुरू हो गई और खेल रोकना पड़ा। उस समय डीएलएस नियम के अनुसार भारतीय टीम लक्ष्य से आगे थी। इसके बाद मुकाबले का परिणाम भारत के पक्ष में घोषित किया गया।

'एक समय लगा था कि यह आसान लक्ष्य होगा', शुभमन गिल ने बताई टीम की परेशानी

मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने स्वीकार किया कि 135 रन का लक्ष्य देखने में आसान लग रहा था, लेकिन परिस्थितियां बल्लेबाजी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण थीं। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि न्यूजीलैंड को 130 से 140 रन के आसपास रोकना अच्छी उपलब्धि थी।

गिल ने कहा, "बैटिंग करना आसान नहीं था। हमने बहुत शानदार बॉलिंग की। कीवी टीम 130-140 के आसपास रोकना अच्छा था। एक समय लग रहा था कि यह आसान टारगेट होगा लेकिन हमने लगातार विकेट गंवाए। हालांकि, हम जीत गए।"

कप्तान के इस बयान से साफ था कि भारतीय टीम कम लक्ष्य मिलने के बावजूद मुकाबले में पूरी तरह सहज नहीं थी। लगातार विकेट गिरने के कारण मैच किसी भी समय भारत के हाथ से निकल सकता था। हालांकि, बारिश के कारण खेल रुकने तक भारत डीएलएस के हिसाब से आगे रहा और टीम जीत हासिल करने में सफल रही।

गुरनूर बराड़ की घातक गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को किया तहस-नहस

भारतीय टीम की इस जीत में तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। उन्होंने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। गुरनूर ने अपने 10 ओवर के स्पेल में केवल 30 रन खर्च किए और चार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

कप्तान शुभमन गिल ने गुरनूर की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि वह पिछले मुकाबले में भी अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। उनके पास गति और उछाल दोनों हैं। गिल के मुताबिक, लगातार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने से युवा गेंदबाजों को अनुभव मिलेगा और उनकी गेंदबाजी में निरंतरता भी बेहतर होगी।

गिल ने कहा, "गुरनूर अच्छी बॉलिंग कर रहे हैं। उन्होंने पिछले मैच में भी ऐसा किया। जैसे-जैसे और गेम खेलेंगे तो अनुभव होगा। वह लाइन और लेंथ के साथ और निरंतरता से गेंदबाजी करेंगे। उसके पास पेस और बाउंस दोनों है। हमने आज देखा कि अगर वह इसी तरह बॉलिंग करता रहे तो उनमें किस तरह की खासियत है।"

'अगर चार-पांच रन से हार जाते तो शर्मनाक होता', गिल ने आखिरी दो शॉट पर जताई नाराजगी

मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भारतीय बल्लेबाजी में सुधार की गुंजाइश भी स्वीकार की। उन्होंने माना कि पिच चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन टीम ने अपनी उम्मीद से दो विकेट अधिक गंवा दिए। खास तौर पर पारी के आखिरी समय में खेले गए दो शॉट को उन्होंने सही नहीं माना।

गिल ने कहा कि टीम को पहले से अंदाजा था कि मुकाबले के दौरान बारिश हो सकती है। इसके बावजूद बल्लेबाजों ने आखिरी दो शॉट अच्छे तरीके से नहीं खेले। कप्तान के मुताबिक, अगर भारत डीएलएस नियम के आधार पर चार-पांच रन से मुकाबला हार जाता तो यह बेहद शर्मनाक स्थिति होती।

उन्होंने कहा, "पिच निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण थी। लेकिन मुझे लगता है कि अंत में हमने अपनी उम्मीद से दो विकेट ज्यादा गंवा दिए। हमें पता था कि आखिरी समय में बारिश हो सकती है। और हमने जो आखिरी दो शॉट खेले, वे बिल्कुल भी अच्छे नहीं लगे। अगर डीएलएस नियम के तहत हम यह मैच चार-पांच रन से हार जाते तो शर्मनाक होता। लेकिन खुशी है कि जीत की दहलीज पार करने में सफल रहे।"

गिल का यह बयान भारतीय टीम की बल्लेबाजी में मौजूद कमियों को भी उजागर करता है। कप्तान ने जीत पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही यह संकेत दिया कि छोटे लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाजों को अधिक जिम्मेदारी और समझदारी दिखानी होगी।

युवा गेंदबाजों को गिल की सलाह, दबाव में प्रदर्शन करना सबसे जरूरी

भारतीय कप्तान ने युवा गेंदबाजों की संभावनाओं पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टीम के युवा गेंदबाजों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए जरूरी क्षमताएं मौजूद हैं। हालांकि, केवल प्रतिभा होना पर्याप्त नहीं है। खिलाड़ियों के लिए दबाव में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करना बेहद जरूरी है।

गिल के मुताबिक, युवा गेंदबाजों को लगातार मुकाबलों में गेंदबाजी करने के अवसर मिलने चाहिए। उन्हें हर बार अपनी जिम्मेदारी समझते हुए दबाव की परिस्थितियों में प्रदर्शन करने का प्रयास करना चाहिए। इससे उनके आत्मविश्वास और निरंतरता में सुधार होगा।

केएल राहुल ने संभाली पारी, श्रेयस अय्यर और रोहित शर्मा का भी योगदान

वेलिंगटन वनडे में भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो शुरुआती झटकों के बाद केएल राहुल ने संयमित अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 38 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और दो छक्के लगाए तथा 26 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी पारी ने मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय टीम को संभालने में मदद की।

श्रेयस अय्यर ने 46 गेंदों में 30 रन बनाए, जबकि रोहित शर्मा ने 26 गेंदों पर 23 रनों का योगदान दिया। हालांकि, शीर्ष क्रम के अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। विराट कोहली सात रन, अक्षर पटेल सात रन, नमन धीर 12 रन और अंशुल कंबोज केवल एक रन बनाकर आउट हुए। कप्तान शुभमन गिल अपना खाता भी नहीं खोल सके।

सीरीज में भारत की 2-0 की बढ़त, तीसरे मुकाबले पर रहेंगी निगाहें

न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में मिली जीत से भारतीय टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली है। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने भारत को जीत की स्थिति में पहुंचाया, लेकिन बल्लेबाजी के दौरान लगातार विकेट गिरने से टीम की कमजोरियां भी सामने आईं।

कप्तान शुभमन गिल ने जीत के बावजूद बल्लेबाजों को अधिक सतर्क रहने का संदेश दिया है। खासकर छोटे लक्ष्य का पीछा करते समय विकेट बचाकर खेलने और दबाव में सही फैसले लेने की जरूरत इस मुकाबले से स्पष्ट हुई है। भारत के लिए यह जीत सीरीज के लिहाज से महत्वपूर्ण रही, लेकिन अगले मुकाबलों में बल्लेबाजी में बेहतर प्रदर्शन करना टीम की प्राथमिकता होगी।