पटना। बिहार में दीपावली के बाद मनाए जाने वाले चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज के त्योहार को लेकर जारी असमंजस पर राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। बिहार सरकार ने सार्वजनिक अवकाश की तारीख में बदलाव करते हुए अब 10 नवंबर के बजाय 11 नवंबर 2026 को छुट्टी घोषित की है। इस फैसले के बाद बुधवार, 11 नवंबर को राज्य के सभी सरकारी कार्यालय चित्रगुप्त पूजा एवं भाई दूज के अवसर पर बंद रहेंगे। पहले सरकार की ओर से इस पर्व का अवकाश मंगलवार, 10 नवंबर को निर्धारित किया गया था, लेकिन कायस्थ समाज के विभिन्न संगठनों की मांग और हिंदू पंचांग के आधार पर तारीख में संशोधन किया गया है।
कायस्थ समाज की मांग पर सरकार ने बदला फैसला
चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज की छुट्टी की तारीख बदलने की मांग अखिल भारतीय कायस्थ महासभा और ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस की ओर से बिहार सरकार के समक्ष रखी गई थी। दोनों संगठनों ने सरकार से आग्रह किया था कि सार्वजनिक अवकाश 10 नवंबर के बजाय 11 नवंबर को निर्धारित किया जाए, ताकि पर्व की वास्तविक तिथि के अनुरूप लोग पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं का पालन कर सकें।
संगठनों की मांग पर विचार करने के बाद बिहार सरकार ने अवकाश की तारीख में बदलाव का निर्णय लिया। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सरकार के नए निर्णय के अनुसार अब बुधवार, 11 नवंबर 2026 को राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
पहले 10 नवंबर को घोषित की गई थी छुट्टी
बिहार सरकार की ओर से पहले जारी अवकाश कैलेंडर में चित्रगुप्त पूजा एवं भाई दूज की छुट्टी 10 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई थी। राज्य सरकार ने बताया था कि पटना के काजीपुर स्थित राजकीय संस्कृत महाविद्यालय से पहले प्राप्त जानकारी के आधार पर यह तारीख तय की गई थी।
हालांकि, बाद में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से सरकार को पत्र लिखकर अवकाश की तारीख में संशोधन करने का अनुरोध किया गया। संगठन ने धार्मिक पंचांग के अनुसार 11 नवंबर को पर्व मनाए जाने की बात रखते हुए छुट्टी भी उसी दिन घोषित करने की मांग की थी।
इसके बाद ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस ने भी बीते बुधवार को बिहार सरकार को पत्र भेजकर इसी मांग को दोहराया। संगठन की ओर से बताया गया कि हिंदू पंचांग के अनुसार अधिकतर स्थानों पर 11 नवंबर को ही चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज मनाया जाएगा। इसके बाद सरकार ने पहले से घोषित तारीख में बदलाव कर 11 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित कर दिया।
10 नवंबर से शुरू होगी द्वितीया तिथि, 11 नवंबर तक रहेगा प्रभाव
चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज की तारीख को लेकर असमंजस की एक बड़ी वजह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का दो दिनों तक रहना है। उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारी के अनुसार, इस वर्ष द्वितीया तिथि 10 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजे से शुरू होगी और बुधवार, 11 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 50 मिनट तक रहेगी।
तिथि के इस समय को देखते हुए दोनों त्योहारों के आयोजन को लेकर अलग-अलग स्थानों पर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, अधिकतर शास्त्र विद्वानों ने बुधवार, 11 नवंबर को दोपहर 1 बजे से साढ़े 3 बजे के बीच पूजा के लिए शुभ समय बताया है। इसी धार्मिक गणना और समाज के संगठनों की मांग को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने सार्वजनिक अवकाश की तारीख 11 नवंबर कर दी है।
क्या है चित्रगुप्त पूजा का धार्मिक महत्व?
हिंदू धर्म में भगवान चित्रगुप्त को विशेष स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान चित्रगुप्त यमराज के सहायक हैं और मनुष्यों के अच्छे-बुरे कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं। मान्यता है कि व्यक्ति के जीवन में किए गए प्रत्येक कर्म का हिसाब उनके पास रहता है। इसी कारण उन्हें न्याय और कर्मों के लेखा-जोखा से जुड़ा देवता माना जाता है।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर चित्रगुप्त पूजा की परंपरा निभाई जाती है। यह त्योहार दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि, ज्ञान और उन्नति की कामना करते हैं।
कायस्थ समाज में कलम, दवात और बहीखाते की होती है पूजा
चित्रगुप्त पूजा का कायस्थ समाज में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। कायस्थ समाज के लोग भगवान चित्रगुप्त को अपना आराध्य देव मानते हैं। कुछ धार्मिक मान्यताओं में इस समाज को भगवान चित्रगुप्त का वंशज भी माना जाता है।
इस अवसर पर कायस्थ परिवारों में भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा या तस्वीर के सामने विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ ही कलम, दवात, बहीखाता और लेखन कार्य में उपयोग होने वाली वस्तुओं की भी पूजा की जाती है। इस परंपरा के पीछे ज्ञान, लेखन, बुद्धि और कर्मों के हिसाब-किताब के प्रति सम्मान की भावना जुड़ी हुई है।
चित्रगुप्त पूजा के दिन लोग अपने कार्यक्षेत्र में उन्नति और जीवन में सद्बुद्धि की कामना करते हैं। विशेष रूप से लेखन, हिसाब-किताब और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए इस पर्व का अलग महत्व माना जाता है।
भाई दूज भी है इसी तिथि का प्रमुख त्योहार
चित्रगुप्त पूजा के साथ इसी दिन भाई दूज का त्योहार भी मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और पारिवारिक रिश्तों की मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती हैं। भाई भी बहनों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हैं।
इस तरह कार्तिक शुक्ल द्वितीया का दिन धार्मिक और पारिवारिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है। बिहार सरकार की ओर से 11 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने से अब राज्य में सरकारी छुट्टी की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
