मुंबई/महू। बॉलीवुड के मशहूर हास्य अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। 25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। लगातार कई बार सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित नहीं होने और पहले जारी जमानती वारंट के बावजूद निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने को अदालत ने गंभीरता से लिया है। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट फरहान एम. कुरैशी ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया है कि राजपाल यादव को गिरफ्तार कर अगली सुनवाई से पहले महू की अदालत में पेश किया जाए।
इस घटनाक्रम के बाद अभिनेता से जुड़े चेक बाउंस मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरनी शुरू कर दी हैं। यह मामला 25 लाख रुपये के वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़े चेक के भुगतान में विफलता से संबंधित है। अदालत में बार-बार अनुपस्थित रहने के कारण अब इस मामले में उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाया गया है।
आखिर 25 लाख रुपये के किस लेनदेन ने बढ़ाई राजपाल यादव की परेशानी?
यह पूरा मामला फिल्म निर्माता और महू निवासी प्रकाश जाजू की शिकायत से जुड़ा हुआ है। शिकायत के अनुसार, राजपाल यादव और प्रकाश जाजू के बीच 25 लाख रुपये का आर्थिक लेनदेन हुआ था। इस रकम का भुगतान करने के लिए राजपाल यादव की ओर से कुछ चेक दिए गए थे। लेकिन जब शिकायतकर्ता ने उन चेक को बैंक में जमा कराया तो वे बाउंस हो गए।
बताया गया है कि बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण चेक का भुगतान नहीं हो सका। इसके बाद प्रकाश जाजू ने इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया और शिकायत दर्ज कराई। मामला चेक बाउंस से संबंधित होने के कारण इसमें नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।
इस कानून के तहत चेक जारी करने वाले व्यक्ति के खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बावजूद भुगतान नहीं करने की स्थिति में कार्रवाई का प्रावधान है। इसी मामले में अब अदालत ने राजपाल यादव की लगातार गैरहाजिरी को देखते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का निर्देश दिया है।
पहले जमानती वारंट जारी हुआ, फिर भी अदालत नहीं पहुंचे अभिनेता
इस मामले में अदालत ने शुरुआत में राजपाल यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। शिकायतकर्ता पक्ष के वकील राधेश्याम अग्रवाल के अनुसार, बाद में राजपाल यादव मुंबई पुलिस के सामने पेश हुए थे। उस दौरान उन्होंने निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित होने और जमानत लेने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, आरोप है कि तय समय बीत जाने के बावजूद उन्होंने न तो अदालत में उपस्थित होकर जमानत की प्रक्रिया पूरी की और न ही सुनवाई में शामिल हुए। अदालत की ओर से पहले की गई कार्रवाई के बावजूद उनकी अनुपस्थिति जारी रही। इसी वजह से मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ा रुख अपनाया।
अदालत ने पहले जारी जमानती वारंट और निर्धारित तारीख पर पेश होने के आश्वासन के बावजूद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया। लगातार गैरहाजिरी को देखते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट फरहान एम. कुरैशी ने अब गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
मुंबई पुलिस को गिरफ्तारी कर महू अदालत में पेश करने का निर्देश
राजपाल यादव के खिलाफ जारी आदेश में मुंबई पुलिस को उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि अभिनेता को गिरफ्तार कर अगली सुनवाई से पहले महू की अदालत में पेश किया जाए।
इस आदेश के बाद अब पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अदालत के निर्देश के अनुसार गिरफ्तारी वारंट की तामील कराकर अभिनेता को न्यायालय के सामने प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में पूरी की जाएगी।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राजपाल यादव पहले भी चेक बाउंस और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कानूनी विवादों का सामना कर चुके हैं। मौजूदा मामले में 25 लाख रुपये के चेक बाउंस होने के साथ-साथ अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने की बात ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इससे पहले भी चेक बाउंस मामले में जेल जा चुके हैं राजपाल यादव
राजपाल यादव के लिए चेक बाउंस से जुड़ा कानूनी विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी अभिनेता एक बड़े वित्तीय मामले को लेकर अदालत की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जून 2024 में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाई थी। उस समय अदालत ने उन्हें लगभग 9 करोड़ रुपये की बकाया राशि चुकाने का निर्देश दिया था।
हालांकि, निर्धारित राशि का भुगतान नहीं हो पाने के बाद इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई हुई। इसी साल 2 फरवरी को अदालत ने उन्हें आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। इस घटनाक्रम के बाद राजपाल यादव को जेल भी जाना पड़ा था।
अब 25 लाख रुपये के एक अन्य चेक बाउंस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबर ने उनकी कानूनी परेशानियों को फिर चर्चा में ला दिया है। एक तरफ पुराने वित्तीय विवादों से जुड़ी कार्रवाई रही है तो दूसरी तरफ महू की अदालत में लंबित मौजूदा शिकायत में उनकी गैरहाजिरी को लेकर सख्ती दिखाई गई है।
अब आगे क्या होगा? मुंबई पुलिस की कार्रवाई पर टिकी सबकी नजर
अदालत के ताजा निर्देश के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मुंबई पुलिस गिरफ्तारी वारंट की तामील कब और किस तरह करती है। अदालत ने अभिनेता को अगली सुनवाई से पहले महू में पेश करने का निर्देश दिया है। ऐसे में आगे की कानूनी प्रक्रिया उनकी अदालत में उपस्थिति और मामले से संबंधित तथ्यों पर निर्भर करेगी।
फिलहाल 25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में अदालत की सख्ती ने राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले जमानती वारंट जारी होने के बाद भी पेश नहीं होने और लगातार सुनवाई से अनुपस्थित रहने के कारण मामला गिरफ्तारी वारंट तक पहुंच गया है। अब सबकी नजर मुंबई पुलिस की कार्रवाई और महू की अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी।
