नई दिल्ली। दीपावली से पहले मनाया जाने वाला धनतेरस का त्योहार आज देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर भगवान कुबेर और भगवान धनवंतरी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना पूरी होती है। वहीं सोना, चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी को भी शुभ माना जाता है। यही वजह है कि धनतेरस के अवसर पर बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है।
इस वर्ष धनतेरस पर पूजा और खरीदारी के लिए शाम का समय विशेष महत्वपूर्ण बताया गया है। उपलब्ध मुहूर्त के अनुसार, सामान्य रूप से अंतिम शुभ अवधि शाम 5 बजकर 49 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक बताई गई है। यह समय प्रदोष काल का है, जिसे पूजा और खरीदारी के लिहाज से विशेष महत्व दिया जाता है। हालांकि देश के अलग-अलग शहरों में भौगोलिक स्थिति के कारण शुभ मुहूर्त के समय में अंतर है। इसलिए खरीदारी करने से पहले अपने शहर के लिए निर्धारित समय देखना जरूरी है।
धनतेरस पर प्रदोष काल क्यों है खास?
धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी और धन के देवता भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान धनवंतरी को आरोग्य और चिकित्सा का देवता माना गया है, जबकि भगवान कुबेर को धन-संपत्ति का रक्षक माना जाता है। इसी कारण इस दिन लोग परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।
प्रदोष काल में पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस वर्ष पूजा और खरीदारी के लिए शाम का समय निर्धारित किया गया है। इसी अवधि में लोग अपनी सुविधा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, बर्तन तथा अन्य वस्तुएं खरीद सकते हैं। हालांकि शुभ मुहूर्त का समय शहर के अनुसार अलग-अलग है।
आपके शहर में धनतेरस की खरीदारी का शुभ समय
देश के अलग-अलग शहरों के लिए धनतेरस पर पूजा और खरीदारी का समय अलग निर्धारित किया गया है। नीचे प्रमुख शहरों की समय-सारणी दी गई है, ताकि लोग अपने शहर के अनुसार खरीदारी की योजना बना सकें।
बिहार और झारखंड के शहरों में शुभ मुहूर्त
बिहार के पटना में शाम 5 बजकर 36 मिनट से रात 7 बजकर 33 मिनट तक खरीदारी और पूजा का शुभ समय बताया गया है। गया में यह समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से रात 7 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। मुजफ्फरपुर में शाम 5 बजकर 35 मिनट से रात 7 बजकर 31 मिनट और भागलपुर में शाम 5 बजकर 30 मिनट से रात 7 बजकर 27 मिनट तक शुभ मुहूर्त है।
झारखंड की राजधानी रांची में शाम 5 बजकर 39 मिनट से रात 7 बजकर 38 मिनट तक, जमशेदपुर में शाम 5 बजकर 37 मिनट से रात 7 बजकर 35 मिनट तक और धनबाद में शाम 5 बजकर 34 मिनट से रात 7 बजकर 32 मिनट तक पूजा और खरीदारी का समय निर्धारित किया गया है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कब तक है मौका?
दिल्ली-एनसीआर में धनतेरस पर पूजा और खरीदारी का शुभ समय शाम 6 बजकर 2 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक बताया गया है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में शाम 5 बजकर 50 मिनट से रात 7 बजकर 47 मिनट, कानपुर में शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट और वाराणसी में शाम 5 बजकर 44 मिनट से रात 7 बजकर 42 मिनट तक शुभ समय रहेगा।
प्रयागराज में शाम 5 बजकर 48 मिनट से रात 7 बजकर 45 मिनट, अयोध्या में शाम 5 बजकर 46 मिनट से रात 7 बजकर 43 मिनट और गोरखपुर में शाम 5 बजकर 41 मिनट से रात 7 बजकर 38 मिनट तक पूजा और खरीदारी का समय बताया गया है। आगरा में शाम 6 बजकर 2 मिनट से रात 7 बजकर 58 मिनट और मेरठ में शाम 6 बजे से रात 7 बजकर 56 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा।
उत्तराखंड के देहरादून में शाम 5 बजकर 56 मिनट से रात 7 बजकर 51 मिनट तक, ऋषिकेश में भी शाम 5 बजकर 56 मिनट से रात 7 बजकर 51 मिनट तक और राज्य के लिए सामान्य समय शाम 5 बजकर 57 मिनट से रात 7 बजकर 51 मिनट तक बताया गया है।
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन में खरीदारी का समय
मध्य प्रदेश में धनतेरस की खरीदारी के लिए शहरों के अनुसार अलग-अलग समय निर्धारित है। भोपाल में शाम 6 बजकर 10 मिनट से रात 8 बजकर 8 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इंदौर में शाम 6 बजकर 17 मिनट से रात 8 बजकर 16 मिनट और उज्जैन में शाम 6 बजकर 18 मिनट से रात 8 बजकर 16 मिनट तक पूजा और खरीदारी का समय बताया गया है।
ग्वालियर में शाम 6 बजकर 3 मिनट से रात 8 बजे तक और जबलपुर में शाम 6 बजकर 1 मिनट से रात 7 बजकर 59 मिनट तक शुभ समय रहेगा। इन शहरों के लोग निर्धारित अवधि के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं।
राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ के लिए शुभ समय
राजस्थान के जयपुर में शाम 6 बजकर 11 मिनट से रात 8 बजकर 7 मिनट तक, जोधपुर में शाम 6 बजकर 24 मिनट से रात 8 बजकर 20 मिनट तक और उदयपुर में शाम 6 बजकर 24 मिनट से रात 8 बजकर 21 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा।
कोटा में शाम 6 बजकर 14 मिनट से रात 8 बजकर 11 मिनट और अजमेर में शाम 6 बजकर 17 मिनट से रात 8 बजकर 13 मिनट तक पूजा और खरीदारी का समय बताया गया है। पंजाब के चंडीगढ़ में शाम 6 बजे से रात 7 बजकर 54 मिनट, लुधियाना में शाम 6 बजकर 4 मिनट से रात 7 बजकर 58 मिनट और अमृतसर में शाम 6 बजकर 6 मिनट से रात 8 बजकर 1 मिनट तक शुभ समय रहेगा। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शाम 5 बजकर 58 मिनट से रात 7 बजकर 53 मिनट तक मुहूर्त है।
मुंबई, पुणे और गुजरात में कब तक कर सकेंगे खरीदारी?
महाराष्ट्र के मुंबई में शाम 6 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 35 मिनट तक पूजा और खरीदारी का शुभ समय बताया गया है। पुणे में शाम 6 बजकर 32 मिनट से रात 8 बजकर 31 मिनट तक मुहूर्त रहेगा। गुजरात के अहमदाबाद में शाम 6 बजकर 30 मिनट से रात 8 बजकर 28 मिनट और सूरत में शाम 6 बजकर 33 मिनट से रात 8 बजकर 32 मिनट तक शुभ समय है।
महाराष्ट्र के नागपुर में शाम 6 बजकर 8 मिनट से रात 8 बजकर 7 मिनट तक खरीदारी का समय निर्धारित किया गया है। इन शहरों में रहने वाले लोग स्थानीय समय के अनुसार धनतेरस की पूजा और खरीदारी कर सकते हैं।
दक्षिण और पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों में शुभ मुहूर्त
दक्षिण भारत के बेंगलुरु में शाम 6 बजकर 25 मिनट से रात 8 बजकर 20 मिनट तक, चेन्नई में शाम 6 बजकर 14 मिनट से रात 8 बजकर 10 मिनट तक और हैदराबाद में शाम 6 बजकर 15 मिनट से रात 8 बजकर 13 मिनट तक शुभ समय बताया गया है।
पूर्वी भारत में कोलकाता के लिए शाम 5 बजकर 28 मिनट से रात 7 बजकर 26 मिनट तक मुहूर्त है। सिलीगुड़ी में शाम 5 बजकर 21 मिनट से रात 7 बजकर 18 मिनट और भुवनेश्वर में शाम 5 बजकर 42 मिनट से रात 7 बजकर 42 मिनट तक पूजा और खरीदारी का समय रहेगा। असम की राजधानी गुवाहाटी में शाम 5 बजकर 8 मिनट से रात 7 बजकर 5 मिनट तक शुभ मुहूर्त बताया गया है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शाम 5 बजकर 58 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक पूजा और खरीदारी का समय निर्धारित किया गया है। वहीं, मध्य भारत के प्रमुख शहरों में शामिल भोपाल, इंदौर और उज्जैन के लिए शाम के समय का मुहूर्त बताया गया है।
धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदने की मान्यता
धनतेरस के दिन सोना और चांदी खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन खरीदी गई वस्तुओं को शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि लोग इस अवसर पर सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण और बर्तन खरीदना पसंद करते हैं। कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार नए बर्तन या घर के उपयोग की दूसरी वस्तुएं भी खरीदते हैं।
धनतेरस पर खरीदारी के साथ भगवान धनवंतरी और कुबेर की पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर परिवार में धन-धान्य और आरोग्य की कामना की जाती है। हालांकि पूजा और खरीदारी का समय अलग-अलग शहरों में अलग होने के कारण स्थानीय मुहूर्त का ध्यान रखना जरूरी है।
खरीदारी से पहले अपने शहर का समय जरूर देख लें
धनतेरस 2026 पर देशभर में पूजा और खरीदारी के लिए शाम का समय महत्वपूर्ण है, लेकिन हर शहर में मुहूर्त एक जैसा नहीं है। दिल्ली, पटना, भोपाल, मुंबई, कोलकाता और अन्य शहरों के समय में अंतर दिया गया है। ऐसे में लोगों को अपने शहर के लिए निर्धारित शुभ अवधि को ध्यान में रखकर खरीदारी और पूजा की योजना बनानी चाहिए। धनतेरस का पर्व धार्मिक आस्था, आरोग्य और समृद्धि की कामना से जुड़ा है। इस दिन की परंपराओं का पालन करते हुए लोग परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
