ere | Source: eeनई दिल्ली। धनतेरस और त्योहारी खरीदारी से पहले सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट ने ग्राहकों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अक्टूबर 2026 के दौरान दोनों कीमती धातुओं के भाव में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। पिछले एक महीने में चांदी की कीमत 39,485 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गई, जबकि 24 कैरेट सोना भी 8,633 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो धनतेरस और आगामी त्योहारों के लिए सोने-चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में गिरावट के बावजूद निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति को समझना और सावधानी बरतना जरूरी है।

अक्टूबर में सोने की कीमत में 8,633 रुपये की बड़ी गिरावट

इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की रिपोर्ट के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,48,687 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। महीने के आखिरी कारोबारी दिन यानी 30 अक्टूबर की शाम तक इसका भाव घटकर 1,40,054 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इस तरह अक्टूबर के दौरान सोने की कीमत में 8,633 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।

सोने के भाव में आई इस कमी को त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर धनतेरस के अवसर पर सोना खरीदने की योजना बनाने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में कम कीमत पर खरीदारी का अवसर मिल सकता है। हालांकि, आभूषण खरीदते समय सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और लागू करों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

चांदी की कीमत में एक महीने में 39,485 रुपये की भारी टूट

सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अक्टूबर महीने की शुरुआत में चांदी का भाव 2,20,829 रुपये प्रति किलोग्राम था। वहीं, 30 अक्टूबर शुक्रवार की शाम तक इसकी कीमत घटकर 1,81,344 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

इस प्रकार एक महीने के भीतर चांदी 39,485 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई। इतनी बड़ी गिरावट ने चांदी के खरीदारों और निवेशकों के बीच हलचल बढ़ा दी है। जो लोग चांदी के सिक्के, बर्तन, आभूषण या निवेश के उद्देश्य से चांदी खरीदना चाहते हैं, वे मौजूदा कीमतों पर बाजार की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट का असर त्योहारी खरीदारी पर भी पड़ सकता है। हालांकि, आगे कीमतों में तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी, यह कई बाजार कारकों पर निर्भर करेगा।

1 नवंबर को दिल्ली से मुंबई तक क्या है सोने का ताजा भाव?

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमतों में अंतर देखने को मिला। अलग-अलग शहरों में दर्ज भाव इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली: 1,39,030 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • मुंबई: 1,38,880 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • चेन्नई: 1,38,880 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • जयपुर: 1,39,030 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • लखनऊ: 1,39,030 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • इन कीमतों से स्पष्ट है कि प्रमुख शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर है। हालांकि, स्थानीय सराफा बाजार में खरीदारी के समय अंतिम कीमत अलग हो सकती है। आभूषणों की खरीद पर मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य लागू शुल्क जुड़ने के कारण ग्राहकों को भुगतान अधिक करना पड़ सकता है।

आखिर क्यों लगातार गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?

  • सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। अर्थ भारत इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स आईएफएससी एलएलपी के संस्थापक सचिन सावरीकर के अनुसार, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला बढ़ता प्रतिफल सोने की कीमतों पर दबाव डालने की बड़ी वजह रहा है।
  • सचिन सावरीकर ने बताया कि जनवरी 2026 के आखिर में जब सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थीं, उस समय अमेरिका के 10 साल के सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल लगभग 4.24 प्रतिशत था। इसके बाद 5 अक्टूबर तक यह बढ़कर 5.31 प्रतिशत तक पहुंच गया।
  • उन्होंने यह भी बताया कि महंगाई के प्रभाव को ध्यान में रखकर मिलने वाला 10 साल के बॉन्ड का प्रतिफल बढ़कर 2.92 प्रतिशत हो गया था, जो वर्ष 2008 के रिकॉर्ड स्तर के करीब था। बॉन्ड पर मिलने वाला अधिक प्रतिफल निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है। ऐसे में सोने जैसी संपत्तियों की मांग और कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है।

क्या धनतेरस पर सोना खरीदना रहेगा फायदेमंद?

  • सोने की कीमतों में आई गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा कीमतों पर सोना पहले की तुलना में निवेश के लिए अधिक आकर्षक दिखाई दे रहा है। कीमतों में गिरावट का दबाव अब कम होने के संकेत भी बताए जा रहे हैं।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के नजरिये से निवेश करने वाले बड़े खरीदारों ने सोने में खरीदारी जारी रखी है। ऐसे निवेशकों के लिए सोना केवल अल्पकालिक लाभ का माध्यम नहीं, बल्कि लंबे समय तक संपत्ति सुरक्षित रखने का एक विकल्प भी माना जाता है।
  • हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एक ही बार में बड़ी रकम निवेश करने के बजाय अलग-अलग किस्तों में निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। इससे निवेशक अलग-अलग कीमतों पर सोना खरीद सकते हैं और अचानक होने वाले बाजार बदलाव के जोखिम को कुछ हद तक संतुलित कर सकते हैं।

सोना खरीदने से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

  • धनतेरस पर सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को केवल बाजार में दिख रही कीमत देखकर खरीदारी का फैसला नहीं करना चाहिए। आभूषण खरीदते समय उसकी शुद्धता और हॉलमार्क की जांच करना जरूरी है। इसके अलावा दुकानदार से मेकिंग चार्ज और जीएसटी सहित अंतिम कीमत की जानकारी भी लेनी चाहिए।
  • निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वालों को अपनी आर्थिक स्थिति और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। वहीं, चांदी खरीदने से पहले भी स्थानीय बाजार में उपलब्ध भाव की तुलना करना उपयोगी हो सकता है।