erere | Source: rerकानपुर। करवा चौथ का त्योहार आमतौर पर पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद पति की पूजा कर व्रत खोलती हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस बार करवा चौथ के मौके पर एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। यहां एक युवक की तीन पत्नियों के बीच पहले पति की पूजा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि तीनों महिलाएं सड़क पर ही आपस में उलझ गईं और विवाद को सुलझाने के लिए पुलिस चौकी तक पहुंचना पड़ा। काफी देर तक चले इस घटनाक्रम के बाद आखिरकार तीनों के बीच सहमति बनी और सभी ने साथ में पूजा करने का फैसला किया।

एक पति की तीन पत्नियां, करवा चौथ पर किसे मिलेगा पहला अधिकार?

यह पूरा मामला कानपुर के बिठूर क्षेत्र के एक गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, युवक की तीन पत्नियां हैं और करवा चौथ के दिन तीनों ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था। त्योहार के अवसर पर तीनों महिलाएं एक ही घर में पहुंच गईं। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन जब पति की पूजा करने की बारी आई तो विवाद शुरू हो गया।

तीसरी पत्नी ने सबसे पहले पति की पूजा करने की इच्छा जताई। इसी बात को लेकर अन्य पत्नियों के साथ कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामूली विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। तीनों के बीच इस बात को लेकर तनातनी बढ़ गई कि पति की पहली पूजा करने का अधिकार किसे मिलना चाहिए।

करवा चौथ जैसे पारिवारिक और धार्मिक त्योहार पर इस तरह का विवाद गांव में चर्चा का विषय बन गया। स्थिति बिगड़ने पर मामला घर की चारदीवारी से निकलकर सड़क तक पहुंच गया।

पहली शादी के बाद दूसरी और फिर तीसरी शादी, ऐसे बनी तीन पत्नियों की कहानी

बताया गया है कि युवक की पहली शादी कई साल पहले हुई थी। शादी के काफी समय बाद तक पहली पत्नी को कोई संतान नहीं हुई। इसके बाद पहली पत्नी ने कथित तौर पर अपनी ही सहेली से पति की दूसरी शादी करा दी।

दूसरी शादी के बाद युवक को दूसरी पत्नी से एक बेटी हुई। परिवार में संतान होने के बाद भी युवक ने तीसरी शादी कर ली। इस तरह युवक के जीवन में तीन पत्नियां हो गईं।

बताया जाता है कि तीनों महिलाओं के बीच पारिवारिक संबंधों की स्थिति अलग-अलग रही है। हालांकि, करवा चौथ के दिन तीनों का एक ही घर में पहुंचना और एक साथ व्रत रखना इस विवाद की वजह से चर्चा में आ गया।

तीसरी पत्नी की जिद से बढ़ा विवाद, मंधना पुलिस चौकी पहुंचीं महिलाएं

करवा चौथ पर पति की पूजा पहले करने को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे बढ़ता चला गया। गांव में जब तीनों महिलाओं के बीच मामला शांत नहीं हुआ तो सभी मंधना पुलिस चौकी पहुंच गए।

बताया गया कि युवक की दो पत्नियां पुलिस चौकी के अंदर पहुंचीं, जबकि तीसरी पत्नी बाहर ही खड़ी रही। वहां काफी देर तक विवाद को लेकर बातचीत और समझौते की कोशिश होती रही। पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।

पुलिस चौकी में किसी तरह सहमति बनने के बाद सभी लोग बाहर आ गए, लेकिन विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था। सड़क पर पहुंचने के बाद भी तीनों महिलाओं के बीच काफी देर तक कहासुनी और बहस जारी रही।

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बनी सहमति, तीनों साथ करेंगी पति की पूजा

काफी देर तक चले विवाद और आपसी बहस के बाद आखिरकार तीनों महिलाओं ने खुद ही समझौता कर लिया। उन्होंने एक साथ करवा चौथ का व्रत रखने और पति की पूजा करने पर सहमति जताई। इसके बाद सभी अपने घर लौट गईं।

इस तरह करवा चौथ पर पहले पूजा करने को लेकर शुरू हुआ विवाद किसी बड़ी घटना में बदलने से पहले समाप्त हो गया। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस और परिवार की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

करवा चौथ पर अनोखे विवाद की चर्चा, पारिवारिक मामला बना लोगों के बीच कौतूहल

कानपुर के बिठूर क्षेत्र में सामने आया यह मामला करवा चौथ के दिन चर्चा का विषय बन गया। आमतौर पर इस त्योहार पर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति की पूजा कर व्रत खोलती हैं। लेकिन यहां एक ही पति की तीन पत्नियों के बीच पूजा पहले करने को लेकर विवाद हो गया।

फिलहाल पुलिस चौकी में समझौते के बाद मामला शांत हो गया और तीनों महिलाएं एक साथ पूजा करने के लिए राजी हो गईं। इस घटनाक्रम ने करवा चौथ के दिन एक असामान्य पारिवारिक विवाद को सुर्खियों में ला दिया।