लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले लोकसभा चुनाव के बाद भी देश का नेतृत्व करेंगे और चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। उत्तर प्रदेश भाजपा की नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक में अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में यह बात कही। उनके इस बयान को प्रधानमंत्री मोदी के बाद भाजपा में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
2029 में भी मोदी ही बनेंगे प्रधानमंत्री, अमित शाह का दो टूक संदेश
लखनऊ में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं। यदि पार्टी के कार्यकर्ता इसी तरह मेहनत और समर्पण के साथ जुटे रहे तो वर्ष 2029 में भी नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।
अमित शाह ने अपने संबोधन में पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें चुनावी राजनीति को केवल नारों और बैठकों तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि जनता के बीच जाकर लगातार काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की मजबूती के दम पर भाजपा आगामी चुनावों में भी बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।
उनके इस बयान को भाजपा के भविष्य के नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच काफी अहम माना जा रहा है। शाह ने लखनऊ से यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।
यूपी के कार्यकर्ताओं को अमित शाह की दो टूक, आपसी नाराजगी भूलकर चुनाव में जुटें
केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर आपसी मनमुटाव और नाराजगी को पीछे छोड़कर सभी को एकजुट होकर संगठन के लिए काम करना चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को जमीन पर सक्रिय रहना होगा। जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को पहुंचाना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि कार्यकर्ता पूरी ताकत से जुटे रहे तो उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।
उन्होंने पार्टी नेताओं को यह भी समझाया कि चुनाव जीतने के लिए संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की सक्रियता सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी को व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर पार्टी के लक्ष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
अगले 30 साल तक यूपी में भाजपा सरकार रहने का दावा
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार अंगद के पांव की तरह अडिग है और उसे कोई हिला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अगले 30 वर्षों तक भाजपा की सरकार रहने वाली है।
उन्होंने इस भरोसे का श्रेय प्रदेश के मतदाताओं को देते हुए कहा कि जनता का समर्थन ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। पार्टी को विश्वास है कि मतदाता एक बार फिर उसे सरकार बनाने का अवसर देंगे।
शाह के इस बयान को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के आत्मविश्वास और चुनावी रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस भरोसे को बनाए रखने के लिए लगातार जनता के बीच काम करें।
2027 में फिर सरकार बनी तो यूपी में लागू होगा समान नागरिक संहिता
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश की जनता भाजपा को फिर से सरकार बनाने का मौका देती है तो उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी।
इस बयान के साथ भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यूसीसी के मुद्दे को भी प्रमुखता से सामने रखा है। समान नागरिक संहिता लंबे समय से देश की राजनीति में चर्चा का विषय रही है। अमित शाह ने इसे उत्तर प्रदेश में भाजपा की संभावित अगली सरकार के एजेंडे से जोड़ते हुए मतदाताओं के सामने पार्टी का एक महत्वपूर्ण वादा रखा।
योगी सरकार की तारीफ, माफिया और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का किया जिक्र
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को माफिया और भ्रष्टाचार की समस्या से बाहर निकालने का काम किया है। उनके अनुसार, प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है और इसका सकारात्मक असर निवेश तथा रोजगार के अवसरों पर पड़ा है।
शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है, जिसमें से 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है। उन्होंने इसे प्रदेश में बदलते औद्योगिक और आर्थिक माहौल का प्रमाण बताया।
अपराध के आंकड़े गिनाकर बताया, यूपी में कैसे बदली कानून-व्यवस्था
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों के दौरान अपराध की घटनाओं में आई गिरावट का भी उल्लेख किया। उन्होंने अपने संबोधन में दावा किया कि प्रदेश में लूट की वारदातों में 74 प्रतिशत, डकैती में 80 प्रतिशत, दंगों में 70 प्रतिशत और रंगदारी के मामलों में 60 प्रतिशत की कमी आई है।
उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। जब प्रदेश में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ तो उद्योग और कारोबार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनीं। इससे निवेश को बढ़ावा मिला और रोजगार के अवसर पैदा हुए।
शाह ने कहा कि योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में निवेश आया। निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़े और लोगों का दूसरे राज्यों की ओर पलायन भी रुका। उन्होंने इन बदलावों को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने तेज की तैयारी
लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमित शाह ने अपने संबोधन में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, आपसी एकजुटता और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट कर दिया कि आगामी चुनावों में सफलता हासिल करने के लिए अभी से पूरी ताकत लगानी होगी।
मोदी के नेतृत्व पर भरोसा, यूपी चुनाव पर भाजपा का पूरा फोकस
अमित शाह के लखनऊ दौरे और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में दिए गए बयान से भाजपा ने वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक प्राथमिकताएं सामने रखीं। एक ओर उन्होंने नरेंद्र मोदी के चौथी बार प्रधानमंत्री बनने का भरोसा जताया, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में लगातार सरकार बनाने का दावा किया। अब पार्टी के सामने इन दावों को चुनावी सफलता में बदलने की चुनौती होगी।
