नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर सरकार विरोधी वीडियो हटाए जाने के आरोपों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक नई रणनीति अपनाई है। पार्टी के सह संयोजक आशुतोष रांका ने समर्थकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए अलग-अलग कोड वर्ड इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इस नई शब्दावली में प्रधानमंत्री मोदी को ‘ओदी’, अमित शाह को ‘बीसीसीआई’ और ज्ञानेश कुमार को ‘गुन्नू’ कहा गया है। पार्टी का दावा है कि इस तरीके से सोशल मीडिया एल्गोरिदम की पकड़ से बचते हुए सरकार विरोधी संदेश लोगों तक पहुंचाए जा सकते हैं।
सरकार विरोधी पोस्ट हटाने का आरोप, CJP ने अपनाई कोड लैंग्वेज
CJP का आरोप है कि इंस्टाग्राम पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वाले कई वीडियो हटाए जा रहे हैं। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने वाले वीडियो और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सरकार की आलोचना से जुड़े कई पोस्ट प्लेटफॉर्म से हटाए गए हैं। इसी के बाद अब समर्थकों को सीधे नाम लेने के बजाय सांकेतिक शब्दों में अपनी बात रखने के लिए कहा जा रहा है।
मोदी से लेकर ज्ञानेश कुमार तक के लिए नए नाम तय
CJP के सह संयोजक आशुतोष रांका ने एक वीडियो के जरिए समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अब सोशल मीडिया पर कोड लैंग्वेज में बात करनी होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘ओदी’, गृह मंत्री अमित शाह के लिए ‘बीसीसीआई’ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए ‘गुन्नू’ शब्द इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। रांका का मानना है कि गंभीर राजनीतिक मुद्दों को व्यंग्य और सांकेतिक भाषा में उठाने से एल्गोरिदम की नजर से बचा जा सकता है।
ध्रुव राठी भी बता चुके हैं वीडियो हटने से बचने के तरीके
इससे पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी गुरुवार को एक वीडियो जारी कर सोशल मीडिया पर वीडियो हटाए जाने से बचने के कुछ तरीके बताए थे। ध्रुव राठी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के आंदोलन का समर्थन करने के लिए जर्मनी से भारत आए थे। अब आशुतोष रांका ने भी समर्थकों को कोड वर्ड के इस्तेमाल की सलाह दी है। पार्टी नेताओं का दावा है कि सरकार की आलोचना करने वाले वीडियो और पोस्ट लगातार हटाए जा रहे हैं।
'एल्गोरिदम को बेवकूफ बनाना होगा', रांका ने समझाई रणनीति
आशुतोष रांका ने अपने संबोधन में कहा कि हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती, मेट्रो और ट्रेनों को बंद करने जैसे कदमों के बाद भी सोशल मीडिया पर विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे गंभीर मुद्दों पर व्यंग्य का इस्तेमाल करें और सीधे नाम लेने के बजाय कोड लैंग्वेज में अपनी बात रखें। उनके मुताबिक, ऐसा करने से एल्गोरिदम के लिए वीडियो और संदेशों को पहचानना मुश्किल हो सकता है।
'कुछ वीडियो हटेंगे, कुछ अकाउंट बंद होंगे, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा'
रांका ने अपने संदेश में समर्थकों से आंदोलन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ वीडियो हटाए जा सकते हैं और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट बंद हो सकते हैं, लेकिन इससे उनकी आवाज खत्म नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि इंस्टाग्राम ही नहीं, किसी भी सोशल मीडिया मंच से उनकी मुहिम को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समर्थकों से डटे रहने और संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
